विकासखंड यमकेश्वर के भृगुखाल रेंज में जंगलों में लगी आग पर पांच दिन बाद काबू पाया गया। सोमवार को विभागीय अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने क्रू-स्टेशनों का निरीक्षण किया और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। हालांकि जंगल की आग ने वन विभाग के दावों की पोल खोल दी।
भृगुखाल रेंज के लमखेत, निशनी, तुन्ना, बड़यूंन और नालीखाल जैसे गांवों के जंगलों में आग लगने से वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा था। आग की घटनाओं में बड़ी मात्रा में वन संपदा जलकर नष्ट हो गई थी। वन अधिकारियों ने आग पर नजर रखने और सूचना मिलते ही तुरंत संसाधन जुटाकर आग बुझाने के प्रयास करने के निर्देश दिए हैं।
उप प्रभागीय वनाधिकारी प्रशांत हिन्दवान ने सोमवार को भृगुखाल रेंज के क्रू-स्टेशनों का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारियों को आग की हर घटना पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। साथ ही, यह भी कहा कि आग की सूचना मिलते ही सभी आवश्यक संसाधन लेकर आग बुझाने के प्रयास तुरंत शुरू किए जाएं।
भृगुखाल रेंज के वन क्षेत्राधिकारी अनिल देवलाल ने बताया कि आग को अब नियंत्रित कर लिया गया है। कुछ स्थानों पर आग पूरी तरह बुझ चुकी है, जबकि कुछ सूखे पेड़ों पर अभी भी आग सुलग रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अब तक की जांच में आग नापखेत से लगाई गई थी।