फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

त्रिवेणीघाट में गांधी स्तंभ पर हैं महात्मा गांधी के हस्ताक्षर

विज्ञापन
त्रिवेणीघाट स्थित गांधी स्तंभ पर एक शिला पर बापू के हस्ताक्षर। - फोटो : RISHIKESH
विज्ञापन
ऋषिकेश। तीर्थनगरी ऋषिकेश में भी महात्मा गांधी की कई स्मृतियां हैं। इसके गवाह हैं त्रिवेणी घाट पर स्थित गांधी स्तंभ पर अंकित महात्मा गांधी के हस्ताक्षर। गांधी ने अपनी अल्मोड़ा यात्रा के दौरान ऋषिकेश से उन्हें मिलने आए क्रांतिकारियों को एक शिला पर यह हस्ताक्षर करके दिए थे। यह शिला गांधी स्तंभ के ऊपर लगाई गई है, जो आज भी बापू की याद दिलाती है।
विज्ञापन

उत्तराखंड यात्रा के दौरान महात्मा गांधी जब अल्मोड़ा आए थे, तब ऋषिकेश से क्रांतिकारी ब्रह्मचारी हरिजीवन, उड़िया बाबा, स्वामी सदानंद, स्वामी अद्वेतानंद आदि उनसे मिलने पहुंचे अल्मोड़ा पहुंचे थे। तब उन क्रांतिकारियों ने बापू से ऋषिकेश आने का आग्रह किया था, लेकिन समय के अभाव में बापू ने मना कर दिया और उन्होंने उन क्रांतिकारियों से समय मिलने पर ऋषिकेश आने का वादा किया। तब बापू ने एक शिला पर हस्ताक्षर कर क्रांतिकारियों को दी। उस शिला को लेकर वे लोग ऋषिकेश लौट आए और उन्होंने यह शिला त्रिवेणी घाट पर गांधी स्तंभ के ऊपर लगा दी। वर्तमान समय में कोई भी सामाजिक, राजनीतिक संगठन इसी स्तंभ से अपने कार्य का शुभारंभ और समापन करते हैं। स्थानीय व्यापारी ऋषिराज ने बताया कि उन्हें 70 वर्ष हो चुके हैं। तब से लेकर अब तक वह त्रिवेणीघाट में गांधी का स्तंभ देखते आ रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि महात्मा गांधी की मृत्यु के बाद कुछ क्रांतिकारियों ने उनकी राख यहां डाली थी। राख डालने के बाद फिर यहां बापू के नाम से स्तंभ बनाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें