मोहनचट्टी घट्टूगाड क्षेत्र में बेलगाम दौड़ रहे उप खनिज से भरे ओवरलोड डंपरों की जांच के लिए बिजनी स्थित स्टोन क्रशर का संचालन 15 दिन तक बंद रहेगा। सात दिन में सड़क पर बैठे तीन गोवंश को कुचलने की घटना के बाद खनन विभाग स्टोन क्रशर में लगे सीसीटीवी कैमरों में ओवरलोड डंपरों की जांच करेगा। अमर उजाला में बुधवार 30 सितंबर को इस खबर को प्रकाशित किया गया था।
करीब एक महीने से बिजनी स्थित स्टोन क्रशर से ऋषिकेश, हरिद्वार और पर्वतीय क्षेत्रों तक उप खनिज से भरे ओवरलोड डंपर पहुंच रहे थे। यह डंपर रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक संचालित हो रहे थे। इन डंपरों से कुचलकर एक सप्ताह में तीन गोवंश की मौत हो गई थी। ओवरलोड डंपराें के संचालित होने और गोवंश को लगातार कुचलने की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध किया था। उप खनिज से भरे हुए
ओवरलोड डंपरों का संचालन रोकने के लिए जिला खनन अधिकारी से शिकायत की थी।
शिकायत के बाद खनन विभाग की ओर से बिजनी स्थित स्टोन क्रशर पर 15 दिन के लिए रोक लगा दी गई है।
शनिवार से शाम से विभाग की ओर से किसी प्रकार की उप खनिज की बिक्री पर रोक लगा दी गई है।
खनन विभाग की ओर से इन दिनों में क्रशर से जाने वाले ओवरलोड डंपरों की सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ली जाएगी। इससे पहले अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद परिवहन विभाग कोटद्वार हरकत में आया था। ओवरलोड 9 डंपरों के दो-दो हजार के चालान काटे थे।
बिजनी स्थित स्टोन क्रशर प्लांट के संचालन पर रोक लगाई गई है। जांच के लिए क्रशर प्लांट के 15 दिनों के सीसीटीवी फुटेज की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- अनिल मुयाल, जिला खान अधिकारी, पौड़ी