अतिक्रमण हटाने में लगी थीं छह जेसीबी
संवाद न्यूज एजेंसी
रायवाला। उच्च न्यायालय के निर्देश पर गुरुवार को रायवाला स्थित 24 बीघा सीलिंग भूमि से बृहस्पतिवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। यह अतिक्रमण औरोवैली आश्रम के स्वामी ब्रह्मदेव उर्फ बृजभूषण शर्मा ने किया था। इसके अलावा एक अन्य स्थान पर भी दो कच्चे भवनों को ध्वस्त किया गया। करीब सात घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान एसडीएम सौरभ असवाल मौके पर मौजूद रहे।
औरोवेली आश्रम में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने के लिए एसडीएम सौरभ असवाल और तहसीलदार अमृता शर्मा टीम के साथ पहुंचे। करीब 24 बीघा जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए 6 जेसीबी मंगाई गईं। किसी भी तरह की विवाद की स्थिति नहीं बने इसके लिए भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया था। इसके बाद टीम ने जेसीबी की मदद से यहां हुए पक्के निर्माण को एक-एक करके ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग भी मौके पर पहुंच गए।
टीम जब कार्रवाई करने आश्रम में पहुंची तो यहां गोशाल में करीब 55 मवेशी बंधे थे। प्रशासन की टीम ने आश्रम प्रबंधन से मवेशियों को यहां से हटाने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने इसमें सहयोग नहीं किया। जिसके बाद प्रशासन की टीम ने ही सभी 55 मवेशियों को गोशाला से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। बाद में एसडीएम के निर्देश पर पशु चिकित्सा विभाग व नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और सभी मवेशियों की मेडिकल जांच के बाद उन्हें ऋषिकेश स्थित पशुलोक पहुंचा दिया गया।
क्या है पूरा मामला
गौहरतलब है कि रायवाला स्थित करीब 43.59 एकड़ (17.639) हेक्टेयर भूमि सिलिंग की है। लंबे समय से इस जमीन पर अतिक्रमण है। पूर्व ग्राम प्रधान राखी गिरि ने भी भूमि से अतिक्रमण हटावाने का प्रयास किया था, लेकिन तब कार्रवाई नहीं हो पाई थी। इसके बाद मई 2022 में रायवाला के ग्राम प्रधान सागर गिरि ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कार्रवाई की मांग की थी। जिसके बाद न्यायालय ने चार अगस्त 2022 को उक्त भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश जारी किए थे।
औरोवेली आश्रम स्वामी ब्रह्मदेव ने किया था कब्जा
न्यायालय के आदेश के बाद तहसील प्रशासन ने इस जमीन के सीमांकन के लिए एक समिति गठित की थी। समिति ने रिपोर्ट तैयार कर बताया कि रायवाला में खसरा नंबर 799 क में 1.8980 हेक्टेयर भूमि (करीब 24 बीघा) पर औरोवेली आश्रम स्वामी ब्रह्मदेव उर्फ बृजभूषण शर्मा ने निर्माण कार्य कर कब्जा किया है। जबकि जमीन के कुछ हिस्से पर तारबाढ़ भी की हुई है। बृजभूषण शर्मा के अलावा मोहन राणा, विजय लक्ष्मी, सोहन राणा व मदन राणा ने भी भूमि पर अतिक्रमण किया है। लेकिन कोर्ट के आदेश और यह जानकारी सामने आने के 7 महीने बाद भी प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते प्रधान सागर गिरि ने दोबारा कोर्ट पहुंचे थे। सागर गिरि ने बताया कि उक्त भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने को लेकर वह लंबे समय से संघर्ष कर रहे थे। स्थानीय ग्रामीणों ने भी प्रशासन की इस कार्रवाई की जमकर सराहना की।