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Rishikesh News: भव्य फ्लैग-ऑफ समारोह के साथ संपन्न हुआ सेना का राफ्टिंग अभियान

Sun, 11 Oct 2026 06:12 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
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- रुद्रप्रयाग से ऋषिकेश तक 145 किमी का रोमांचक सफर किया तय
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ऋषिकेश। भारतीय सेना के आर्मी सर्विस कोर (एएससी) के व्हाइट वॉटर राफ्टिंग एक्सपीडिशन का रविवार को बैराज में भव्य फ्लैग-ऑफ समारोह के साथ सफल समापन हुआ। समापन समारोह की अध्यक्षता डायरेक्टर जनरल ऑफ सप्लाइज एंड ट्रांसपोर्ट (डीजीएसटी) लेफ्टिनेंट जनरल मुकेश चड्ढा ने की। उन्होंने अभियान में भाग लेने वाले सैन्यकर्मियों, प्रशिक्षकों और संबंधित यूनिट के कार्मिकों को पदक व प्रशस्ति प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया।
रविवार को बैराज में आयोजित समापन समारोह में लेफ्टिनेंट जनरल मुकेश चड्ढा ने कहा कि आर्मी सर्विस कोर के आदर्श वाक्य सर्विस इज आवर क्रीड के तहत आयोजित इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य सैन्यकर्मियों में साहस, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना को प्रोत्साहित करना रहा। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियानों के माध्यम से जवानों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सामूहिक रूप से निर्णय लेने, आपसी समन्वय बनाए रखने और कठिन परिस्थितियों का सामना करने का व्यावहारिक अनुभव मिलता है। आर्मी सर्विस कोर का यह राफ्टिंग अभियान 7 अक्तूबर को रुद्रप्रयाग से शुरू हुआ था। इस अभियान में 16 सदस्यीय सैन्य टीम ने अलकनंदा और गंगा की चुनौतीपूर्ण जलधाराओं का सामना करते हुए 145 किलोमीटर की दूरी तय की। तेज बहाव, नदी की बदलती परिस्थितियों और चुनौतीपूर्ण जलमार्ग के बीच टीम के सदस्यों ने आपसी तालमेल, अनुशासन और साहस के साथ अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया। समारोह के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल मुकेश चड्ढा ने अभियान में शामिल सैन्यकर्मियों, प्रशिक्षकों और यूनिट के कार्मिकों को पदक व प्रशस्ति प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। सम्मान समारोह के माध्यम से अभियान में योगदान देने वाले कार्मिकों के प्रयासों को सराहा गया।
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रायवाला में लिया प्रशिक्षण, फिर नदी में उतरी टीम
मुख्य राफ्टिंग अभियान से पहले टीम ने 21 सितंबर से 3 अक्तूबर तक रायवाला में बेसिक राफ्टिंग कोर्स पूरा किया था। इस प्रशिक्षण के दौरान अभियान के लिए आवश्यक बुनियादी कौशल विकसित करने पर जोर दिया गया। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद 16 सदस्यीय टीम ने 7 अक्तूबर को रुद्रप्रयाग से अपनी यात्रा शुरू की और विभिन्न चुनौतीपूर्ण जलधाराओं से गुजरते हुए ऋषिकेश तक का सफर पूरा किया।
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