दोपहर करीब एक घंटा हुई झमाझम बारिश ने शहर के ड्रेनेज व्यवस्था फेल कर दी। निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से मुख्य सड़कें तालाब बन गईं। लोगों को आवाजाही में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सड़कों के लिए बारिश आफत बनकर आई। नालिया चोक होने से दून मार्ग, क्षेत्र रोड, पुरानी सब्जी मंडी, मालवीय रोड, आशुतोषनगर, तहसील चौक तालाब में तब्दील हो गया, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से बारिश के पानी की निकासी के इंतजाम करने की मांग की है। बताया कि सफाई के अभाव में नालियां चोक हैं, जिससे बारिश का पानी सड़क पर जमा हो जाता है।
अधिशासी अधिकारी वीपीएस चौहान ने बताया कि सफाई कर्मी नालियों की नियमित सफाई करते हैं। सफाई के बाद लोग घरों की गंदगी कूड़ेदान में डंप करने की बजाय नाली में फेंक देते हैं, जिससे नाली चोक हो जाती है।
उमस भरी गर्मी से मिली राहत
इधर, बारिश से तापमान लुढ़कने पर लोगों को उमसभरी गर्मी से राहत मिली। सोमवार को तेज धूप निकली। चिलचिलाती धूप से लोग पसीने से तर-बतर रहे। दोपहर बाद आसमान में बादल उमड़े तो लोगों के चेहरे खिल उठे। आसमान में छाए बादल झमाझम बरस पड़े। उमसभरी गर्मी से जूझ रहे लोगों ने बारिश का लुत्फ उठाया।
तेज हवाओं से गिरी सैकड़ों बीघा गन्ने की फसल
डोईवाला। सोमवार को तेज हवाओं के साथ चले आंधी तूफान से खेतों में तैयार हो रही गन्ने की फसल को जमीन सुंघा दी। तेज हवाओं से सैकडों बीघा गन्ने और चारे की फसल जमीन पर गिर गई है। गन्ने की फसल गिरने से किसानों का आर्थिक नुकसान हुआ है।
सोमवार अपराह्न में एकाएक तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई। हवा की गति तेज होने से मारखम ग्रांट के अलावा सिमलास ग्रांट, झडौंद, नांगल ज्वालापुर, नांगल बुंलदावाला और दूधली आदि तमाम गांवों में खेतों में तैयार गन्ने की फसल जमीन पर गिर गई। राजाजी राष्ट्रीय पार्क और लच्छीवाला वन रेंज से सटे इन गांवों में पहले से ही जंगली हाथियों ने गन्ने की फसल को बर्बाद कर रखा है। अब तेज हवाओं के साथ आई मूसलाधार बारिश से औंधे मुुंह गिर गई है।
इन दिनों गन्ने की फसल अधिकांश तैयार हो गई है। किसान करन वोहरा ने बताया कि गन्ने की फसल गिर जाने से उसमें चूहा, दीमक और अन्य कीट लग जाते है। फसल गिरने से वजन में भी कमी आ जाती है, जिससें नुकसान होता है। चांदमारी के देवेंद्र सिंह मान और नंद किशोर यादव ने सरकार से किसानों की फसल गिरने पर मुआवजा देने की व्यवस्था करने की मांग की है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य दूधली दरपान सिंह वोहरा ने बताया कि बारिश और हवाओं से लगभग डेढ सौ से अधिक बीघा गन्ने की फसल गिर गई है। प्रदेश सरकार को किसानों की पीडा से अवगत कराया जाएगा।