ऋषिकेश। त्रिवेणी घाट क्षेत्र में यातायात और अतिक्रमण की स्थिति अत्यंत चिंताजनक और गंभीर रूप ले चुकी है। रविवार शाम को एक एंबुलेंस के करीब 30 मिनट तक जाम में फंसे रहने की घटना ने स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। गनीमत यह रही कि स्थानीय व्यापारियों और लोगों ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए एंबुलेंस को किसी तरह जाम से बाहर निकाला जिससे बड़ा हादस होने से बच गया।
घाट रोड और आसपास के मुख्य मार्गों पर अनियंत्रित अतिक्रमण ने आम जनता और आपातकालीन सेवाओं के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। स्थिति यह है कि सड़क के दोनों ओर खाद्य पदार्थों की अनगिनत रेहड़ी-पटरी पूरी तरह अवैध रूप से जमी रहती हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चालकों की ओर से सड़क के बीचों-बीच वाहन खड़ा करने और बेतरतीब ढंग से आवाजाही करने के कारण मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो जाता है। स्थानीय निवासियों, तीर्थयात्रियों और व्यापारियों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि कई बार ज्ञापन देने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर आंखें मूंदे बैठे हैं। त्रिवेणी घाट जैसे अतिसंवेदनशील और व्यस्त धार्मिक स्थल पर यदि एंबुलेंस या दमकल जैसी आपातकालीन गाड़ियां समय पर नहीं पहुंच पाएंगी तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। बावजूद नगर निगम प्रशासन और यातायात पुलिस केवल कागजी बैठकों तक सीमित रह जाते हैं।