ऋषिकेश से राष्ट्रपति भवन तक जाने वाली अमन एकता हरियाली यात्रा का रविवार को शुभारंभ हो गया। स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद मौलाना महमूद असद मदनी के साथ मिलकर इस यात्रा का शुभारंभ किया। इस यात्रा के जरिये अमन, एकता, सद्भाव, स्वच्छता और समरसता का संदेश दिया जाएगा।
इस दौरान स्वामी चिदानंद सरस्वती ने मौलानाओं संग रेलवे स्टेशन स्थित परमार्थ वाटिका में पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली की स्मृति में रुद्राक्ष का पौधा भी रोपा। वाटिका में इसके अलावा आम, अशोक, तुन, नीम, कदम, गुलमोहर, जामुन, अमरूद, शीशम, आंवला, गुड़हल, बोतल पाम समेत कई छायादार और फलदार पौधे रोपे गए। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि एक पेड़ 50 सालों में लगभग 41 लाख रुपये के जल की रिसायक्लिंग करता है। 35 लाख रुपये के समान वायु प्रदूषण का नियंत्रण करता है। एक पेड़ एक साल तीन किलो कार्बन डाई आक्साइड सोखता है और साथ ही जमीन का कटाव रोकता है।
मौलाना महमूद असद मदनी ने कहा कि यह यात्रा अमन, एकता और पर्यावरण संरक्षण को समर्पित है। पृथ्वी और जल के भंडार को शुद्ध रखने के साथ ही देश में स्वच्छता एवं सौहार्द लाना ही इस यात्रा का मकसद है। उन्होंने सभी से इस यात्रा से जुड़ने का आह्वान किया।
तीन दिन की यात्रा में रोपेंगे हजारों पौधे
ऋषिकेश। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने बताया कि तीन दिवसीय एकता हरियाली यात्रा के तहत हरिद्वार-ज्वालापुर में 730 पौधे, सहारनपुर में 1900 पौधे, घोड़ेवाला, पुरकाजी, बरला, छपार, बागोवाला, मुजफ्फरनगर में 2137 पौधे, शामली में 600, रूड़की और देवबन्द में 890 पौधों का रोपण किया जाएगा। इसके बाद यह यात्रा गांधी आश्रम, किंग्सवे कैंप, दिल्ली पहुंचेगी।
यात्रा में यह लोग हैं शामिल
इस अमन एकता हरियाली यात्रा में हरिद्वार से मोहम्मद हारून कासमी, सहारनपुर से मौलाना इब्र्राहिम कासमी, मुजफ्फरनगर से मुफ्ती बिन यामीन और कारी जाकिर हुसैन, शामली से मौलाना आकिल कांधवली, परमार्थ निकेतन से गंगा नंदिनी, आचार्य संदीप शास्त्री, आचार्य दीपक शर्मा, मौलवी मोहम्मद आरिफ, मौलाना मोहम्मद हारून, मौलाना अरशद, मौलाना नसीम अहमद, मौलाना अलताफ रशीदि, मौलाना मुबीन, मौलाना शमशेर, मौलाना इब्राहीम कासमी, महद आयशा सिद्धिका, स्माइल कुरैशी, मौलाना सरताज, मौलाना मुहम्मद इरफान, कारी मोहम्मद दिलशाद, मौलाना इरफान, कारी मोहम्मद अय्यूब, जहीन अहमद आदि शामिल हैं।