- पुलिस विवेचना के दौरान आया सौम्या सिंह का नाम सामने
-फर्जी नियुक्ति पत्रों पर हस्ताक्षर करने का आरोप है सौम्या पर
ऋषिकेश। एम्स के किच्छा स्थित सेटेलाइट सेंटर में भर्ती के नाम पर फर्जीवाड़े की वांछित सौम्या सिंह की अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कंवर अमनिंदर सिंह की अदालत ने खारिज कर दिया। पुलिस विवेचना के दौरान मामले में सौम्या की भूमिका सामने आने पर उसे वांछित बनाया गया था। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। एम्स में भर्ती के नाम पर फर्जीवाड़े के पांच आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। सभी आरोपियों ने जमानत के लिए प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में प्रार्थना पत्र दायर किया था जिन्हें अदालत ने खारिज कर दिया था। पुलिस विवेचना में पूरे प्रकरण में आउटसोर्स एजेंसी कर्मचारी सौम्या का नाम भी सामने आया। सौम्या ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत में अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र दायर किया था। सोमवार को प्रार्थना पत्र पर बहस के दौरान अदालत में बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि सौम्या सिंह को मामले में झूठा फंसाया गया है। उनके अधिवक्ता ने कहा कि वह राजदीप इंटरप्राइजेज में कार्यरत थीं और कंपनी के अधिकारियों के निर्देशानुसार काम करती थीं। वहीं, अभियोजन पक्ष ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि राजदीप इंटरप्राइजेज के माध्यम से एम्स में नौकरी दिलाने के नाम पर अवैध रूप से धनराशि ली गई और नियुक्ति पत्र जारी किए गए। संबंधित नियुक्ति पत्रों पर सौम्या सिंह के हस्ताक्षर हैं। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने अग्रिम जमानत प्रार्थन पत्र खारिज कर दिया। वहीं पुलिस का कहना है कि जल्द आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।
आउटसोर्स एजेंसी का मैनेजर फरार
आउटसोर्स एजेंसी राजदीप इंटर प्राइजेज का मैनेजर विनायक घटना के बाद से ही फरार है। पुलिस विनायक की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द विनायक को गिरफ्तार किया जाएगा। विनायक की गिरफ्तारी के बाद कई राज खुलने की उम्मीद है।
- विनायक की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। जल्द विनायक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यशपाल सिंह बिष्ट, प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली।