राष्ट्रीय खेलों के आयोजन में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ्रमहत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एम्स राष्ट्रीय खेलों में स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए अनुभवी चिकित्सकों की टीम तैयार कर रहा है। राज्य के 50 से अधिक डाॅक्टरों को एम्स की स्पोर्ट्स इंज्यूरी डिवीजन के विशेषज्ञ और इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के चिकित्सक प्रशिक्षण दे रहे हैं।
28 जनवरी से राष्ट्रीय खेल शुरू होने जा रहे हैं। खेल से संबंधित चोटों और बीमारियों के प्रबंधन के लिए प्रोटोकॉल और दिशा-निर्देशों के तहत एम्स में चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। एम्स प्रशासन का कहना है कि ओलंपिक और एशियाई खेलों जैसे वैश्विक खेल आयोजनों में अपनाए जाने वाले मानकों के आधार पर चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य डॉक्टरों को खेलों के दौरान संभावित चोटों और बीमारियों के प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित करना है। इसमें उन्नत ट्रॉमा केयर, ऑन-फील्ड आपातकालीन प्रतिक्रिया और व्यायाम-जनित बीमारियों का प्रबंधन शामिल है। एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉक्टर) मीनू सिंह ने कहा कि हमारा प्रयास है कि उत्तराखंड राज्य खेल आयोजनों के लिए चिकित्सा सहायता में एक राष्ट्रीय मानक स्थापित करे। प्रशिक्षण कोर्स का नेतृत्व कोर्स डायरेक्टर और एम्स ऋषिकेश के ट्रॉमा सर्जरी विभाग के हेड प्रो. मोहम्मद कमर आजम कर रहे हैं।
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खिलाड़ियों के लिए रहेंगे बेड आरक्षित
प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के दौरान किसी खिलाड़ी का स्वास्थ्य खराब हो जाने या घायल हो जाने की स्थिति में इलाज के लिए एम्स की ट्राॅमा इमरजेंसी में बेड आरक्षित रखे जाएंगे। साथ ही तकनीक आधारित ड्रोन मेडिकल सेवा को भी उपयोग में लाया जाएगा। एम्स ऋषिकेश की हेली एम्बुलेंस सेवाएं भी नेशनल गेम्स के दौरान उपलब्ध रहेंगी। इसका उपयोग आपातकालीन चिकित्सा स्थितियों के लिए त्वरित और प्रभावी सहायता प्रदान करने के लिए किया जाएगा।