श्रीदेव सुमन विवि के पीएलएमएस परिसर में बीसीए विभाग की ओर से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विषय पर आयोजित दो दिवसीय टेककृति कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि तकनीकी शिक्षा में नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उन्नत विधाओं को आत्मसात करना आज समय की आवश्यकता है।
शुक्रवार को कार्यक्रम का उद्घाटन विवि के कुलपति प्रो. एनके जोशी ने किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान युग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और मशीन लर्निंग जैसे नवाचारों का युग है। नई तकनीक न केवल उद्योग और व्यवसाय में क्रांति ला रही हैं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और सामाजिक जीवन के हर क्षेत्र में परिवर्तन की भूमिका निभा रही हैं।
प्रो. जोशी ने कहा कि श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना की जाएगी। यह केंद्र छात्र-छात्राओं में नवाचार, अनुसंधान और उद्योग-समर्थ तकनीकी समाधान को बढ़ावा देगा।
परिसर निदेशक प्रो. एमएस रावत ने कहा कि वर्तमान दौर में तकनीकी शिक्षा का लक्ष्य केवल कौशल देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को नवाचार की दिशा में सोचने और समाज के लिए समाधान विकसित करने हेतु प्रेरित करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि टेककृति जैसे तकनीकी आयोजनों का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि यह कक्षा से बाहर निकलकर छात्रों को व्यावहारिक अनुभव, टीमवर्क, समस्या-समाधान और नेतृत्व कौशल प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम संयोजक एवं बीसीए विभाग के समन्वयक डॉ. गौरव वार्ष्णेय ने कहा कि टेककृति का उद्देश्य विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग, सॉफ्टवेयर विकास, साइबर सुरक्षा, सॉफ्टवेयर डिजाइन तथा डेटा विज्ञान जैसे समसामयिक तकनीकी क्षेत्रों से जोड़ना है।