रिमझिम बारिश भी नहीं रोक पाई पर्यटकों का रास्ता
राफ्टिंग व्यवसायियों को लंबे इंतजार के बाद गंगा में रीवर राफ्टिंग के संचालन के लिए उत्तराखंड पर्यटन विभाग से हरी झंडी मिल गई है। शनिवार सुबह 10 बजे टिहरी पर्यटन विभाग को पत्र मिला, जिसके बाद करीब 11 बजे से राफ्टिंग व्यवसायियों ने गंगा में राफ्ट उतारी। पहले दिन करीब 750 पर्यटकों ने गंगा में रीवर राफ्टिंग का लुत्फ उठाया।
शनिवार को मरीन ड्राइव, क्लब हाउस और ब्रह्मपुरी राफ्टिंग प्वाइंट पर राफ्ट व्यवसायियों ने विधि विधान के साथ मां गंगा की पूजा अर्चना की। उसके बाद पर्यटकों ने राफ्ट पर सवार होकर जय मां गंगे उद्घोष के साथ राफ्टिंग शुरू की।
वीकेंड होने के कारण पहले दिन दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत विभिन्न प्रांतों से आए पर्यटकों ने ऑफ लाइन राफ्टिंग की बुकिंग कर राफ्टिंग का आनंद लिया। रिमझिम बारिश होने के बाद भी पर्यटकों का रोमांच कम नहीं हुआ। सैलानी साहसिक खेल का आनंद लेते हुए नजर आए।
गौरतलब है कि 30 जून से गंगा में रीवर राफ्टिंग का संचालन बंद हो जाता है। बरसात में गंगा का जल स्तर बढ़ने से करीब दो महीने जुलाई और अगस्त में इसका संचालन बंद रहता है। गंगा का जलस्तर कम होने के बाद सितंबर महीने से राफ्टिंग का संचालन शुरू हो जाता है।
पहले दिन ऑफ लाइन बुकिंग कर लिया आनंद
राफ्ट व्यवसायी जीतपाल, जितेंद्र धाकड़, सुनील कुमार ने बताया कि पहले दिन पर्यटकों ने ऑफ लाइन बुकिंग कर राफ्टिंग का आनंद लिया। दूसरे वीकेंड पर राफ्टिंग के शौकीनों की भीड़ बढ़ेगी। साहसिक खेल पर्यटन अधिकारी खुशाल सिंह नेगी ने बताया कि गंगा का जलस्तर जांचने के लिए तीन से चार बार विभागीय टीम ने गंगा में रेकी अभियान चलाया था। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद राफ्टिंग की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। मरीन ड्राइव से शिवपुरी और क्लब हाउस, ब्रह्मपुरी से निमबीच, मुनि की रेती तक सैलानी राफ्टिंग का रोमांच उठा रहे हैं।