कोतवाली क्षेत्र के टिकौला कलां में पुश्तैनी जमीन के बंटवारे और मेढ़ काटने के विवाद में दो पक्षों में जमकर बवाल हुआ। आरोप है कि एक पक्ष ने दबंगई दिखाते हुए लाइसेंसी बंदूक, राइफल और अवैध हथियारों से हवाई फायरिंग की। विरोध करने पर वृद्ध और उनके बेटों के साथ मारपीट की। पीड़ित पक्ष ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर आठ आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के टिकौला कलां निवासी जगत सिंह ने बुधवार को दी तहरीर में बताया कि वह और उनके भाई बाबू, भंवर सिंह, अशोक व राजेंद्र खसरा संख्या 34 में सह-खातेदार है। आरोप है कि भंवर सिंह के पुत्र अमित कुमार ने अन्य सह-खातेदारों की सहमति के बिना ही जमीन का एक विशिष्ट हिस्सा आठ अप्रैल 2023 को रोहित और बबली के नाम बेच दिया।
पीड़ित का कहना है कि मौके पर कोई कानूनी बंटवारा नहीं हुआ है इसलिए यह बैनामा अवैध है। घटना 17 अप्रैल की शाम करीब 4:42 बजे की है। जगत सिंह का आरोप है कि विपक्षी रोहित, बिजेंद्र, हिमांशु और श्याम सिंह लाइसेंसी बंदूकों, राइफल व देसी हथियारों से लैस होकर उनके खेत पर पहुंचे। उनके साथ रजत, शक्ति, राजेंद्र और शुभम भी थे जिनके हाथों में तबल व फावड़े थे। आरोपी जबरन खेत की मेढ़ काट रहे थे।
जब 78 वर्षीय वृद्ध जगत सिंह ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि विरोध करने पर दबंगों ने वृद्ध के साथ मारपीट की और डराने के उद्देश्य से हवाई फायर झोंक दिए। फायरिंग की आवाज सुनकर जगत सिंह के बेटे प्रदीप, संदीप और रविंद्र मौके पर पहुंचे तो आरोपियों ने उनके साथ भी हाथापाई की। कोतवाल भगवान सिंह मेहर ने बताया कि तहरीर के आधार पर रोहित, बिजेंद्र, हिमांशु, श्याम सिंह, रजत, शक्ति, राजेंद्र व शुभम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।