पुलिस ने सहारनपुर के सराफा कारोबारी के मुनीम पर फायर झोंक आभूषण से भरा बैग लेकर फरार हुए मुख्य आरोपी समेत चार लोगों को दबोचा है। उनके कब्जे से लूटी गई ज्वैलरी और नकदी बरामद की है। दो आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। लूटकांड का खुलासा करने वाली पुलिस को टीम को आईजी ने 10 हजार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने ढाई हजार रुपये नगद इनाम की घोषणा की है।
बुधवार को कोतवाली में गोली लूटकांड का खुलासा करते हुए एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि तीर्थनगरी, मुखर्जी मार्ग में स्थित रत्नाकर ज्वैलर्स में काम करने वाले सौरभ रस्तोगी निवासी चंद्रेश्वरनगर, चंद्रभागा ने जहांगीरपुरी, दिल्ली ज्वैलर्स की दुकान चलाने वाले ताऊ रूप किशोर रस्तोगी के बेटे बिट्टू रस्तोगी निवासी अंकुर विहार, लोनी गाजियाबाद के साथ मिलकर सराफ राजकुमार जैन उर्फ गप्पी के मुनीम जोगेंद्र कुमार से ज्वैलरी लूटने की योजना बनाई। बिट्टू ने वारदात को अंजाम देने के लिए अनस, नवीन उर्फ बाबू और सुमित रस्तोगी निवासी दिल्ली को शामिल किया। सौरभ ने रैकी की और साथियों को बताया कि मुनीम प्रत्येक बुधवार को सहारनपुर से तैयार ज्वैलरी लेकर आता है।
एसएसपी ने बताया कि बीते 12 अक्टूबर को मुनीम सहारनपुर से जिस बस में सवार हुआ, उसी बस में सुमित भी था, जो पल-पल की जानकारी साथियों को दे रहा था। बिट्टू, अनस, नवीन उर्फ बाबू पहले से ही बाइक लेकर नटराज चौक पर खड़े थे। उन्हें बाइक सौरभ ने उपलब्ध कराई थी।
बताया कि जैसे ही मुनीम आशुतोषनगर तिराहा पर बस से उतरा, तभी पीछे से आए एक बदमाश ने उसे गोली मारी और ज्वैलरी से भरा बैग छीन दो अन्य साथियों के साथ बाइक से फरार हो गया। एसपी देहात श्वेता चौबे ने बताया कि हत्थे चढ़े बदमाशों से लूटा गया 327.5 ग्राम सोना, छह किलो चांदी और 8,61,000 रुपये बरामद किए हैं।
कोतवाली में पुछताछ के दौरान आरोपी बिट्टू ने स्वीकार किया कि मुनीम ने विरोध जताया तो उस पर पिस्टल से फायर झोंक दिया। जल्दबाजी में पिस्टल हाथ से फिसलकर नीचे गिर गई। ज्वैलरी से भरा बैग लूटने के बाद सभी दिल्ली पहुंचे। जहां पिता रूपकिशोर की मदद से कुछ सोना गलाकर बेच दिया। वहीं, लूट के हिस्से से मिले पैसे से सुमित रस्तोगी ने सबसे पहले अपाचे बाइक खरीदी। उसे तीन लाख रुपये मिले थे। सुमित आठवीं कक्षा तक पढ़ा है और घर पर फोटो एल्बम बनाने का काम करता था। एनिमेशन में डिप्लोमाधारी सत्येंद्र रस्तोगी उर्फ बिट्टू ने जल्द से जल्द पैसा कमाने के फेर में इस वारदात को अंजाम दिया। पूछताछ में बताया कि आर्थिक तंगी के चलते उसकी आगे की शिक्षा प्रभावित हो रही थी।
टीम में कोतवाल विजय चंद्र गोसाईं, एसएसआई गजेंद्र बहुगुणा, एसआई आशीष गुसाईं, प्रकाश पोखरियाल, दीपक तिवारी, राजेंद्र रावत, नवनीत सिंह नेगी, मनोज कुमार, विनोद कुमार, अरूण शर्मा, प्रवीण सिंधू, गौरव पाठक, संदीप राठी, लोकेश तिवारी, मनोज बिष्ट, लोकेश गिरी, देवेंद्र चौधरी, राजवर राणा शामिल थे।
हत्थे चढ़े अभियुक्त
रूप किशोर रस्तोगी, उसके पुत्र सतेंद्र रस्तोगी उर्फ बिट्टू निवासी अंकुर विहार, लोनी, गाजियाबाद, यूपी, सुमित रस्तोगी निवासी मकान नंबर 342 सरपंच का बाड़ा, मंडावली, दिल्ली, सौरभ रस्तोगी निवासी चंद्रेश्वरनगर, चंद्रभागा। फरार अभियुक्त अनन, नवीन उर्फ बाबू निवासी दिल्ली।
तीसरी आंख बनी मददगार
घटना को अंजाम देकर फरार हुए बाइक सवार बदमाशों को नटराज चौक पर लगी तीसरी आंख ने कैद कर लिया। सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो बाइक स्वामी तक पहुंच गए। सीओ चक्रधर अंथवाल ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे की मदद से जांच आगे बढ़ाई तो मामला दो सप्ताह में ही पूरी तरह से खुल गया।