परमार्थ निकेतन पहुंचा रामनामी समाज के श्रद्धालुओं का दल
संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन आश्रम में छत्तीसगढ़ के रामनामी समाज के श्रद्धालुओं का एक दल पहुंचा। दल के सदस्यों ने परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती से भेंट किया। उसके बाद श्रद्धालुओं ने परमार्थ गंगा आरती में सहभाग कर आध्यात्मिक एकता का संदेश दिया।
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने रामनामी समाज के प्रतिनिधियों को रुद्राक्ष का पौधा उपहार स्वरूप भेंट किया। कहा कि श्रीराम, जीवन की मर्यादा, करुणा, सत्य और लोक कल्याण की प्रेरणा हैं। जिन लोगों ने अपने तन और मन दोनों पर राम को धारण किया है, वे वास्तव में उस आध्यात्मिक संदेश के जीवंत वाहक हैं, जिसकी आज संपूर्ण विश्व को आवश्यकता है।
रामनामी समाज भारत की आध्यात्मिक विरासत का एक अनमोल अध्याय है। विश्व इतिहास में ऐसे उदाहरण अत्यंत दुर्लभ हैं, जहां किसी समुदाय ने अपने संपूर्ण शरीर को ईश्वर के नाम से अलंकृत कर दिया। रामनामी समाज का प्रत्येक अंकित राम मानवता, समानता, भक्ति और आत्मगौरव का संदेश देता है।
रामनामी समाज केवल एक समुदाय नहीं, बल्कि भक्ति की वह जीवंत धारा है जिसने अपने जीवन को राममय बना दिया है। जब विश्व अपनी सांस्कृतिक जड़ों और आध्यात्मिक मूल्यों की पुनः खोज कर रहा है, तब रामनामी समाज संपूर्ण मानवता के समक्ष एक जीवंत प्रेरणा है।
रामनामी समाज वास्तव में भारत की लोकआस्था, आध्यात्मिक लोकतंत्र और सनातन चेतना का अद्वितीय प्रकाश स्तंभ है। रामनामी समाज हमें स्मरण कराता है कि भक्ति किसी भाषा, वेशभूषा या भौगोलिक सीमा की मोहताज नहीं होती। सच्ची भक्ति वह है जो हमें विनम्र, करुणामय और आत्मिक रूप से समृद्ध बनाती है।
इस मौके पर श्रीराम कथा व्यास संत मुरलीधर, साध्वी भगवती सरस्वती, बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, ऋषिकेश मेयर शंभू पासवान आदि मौजूद रहे।