श्री गुरुचरन सरोज रज, निजमनु मुकुर सुधारि, बरनउं रघुबर विमल जसु जो दायकु फल चारि......जय हनुमान ज्ञान गुन सागर...। अमेरिका से ऋषिकेश आए गोविंद दास (ईरा जेफरी रोसेन) ने जब अपनी मधुर आवाज में हनुमान चालीसा सुनाई तो सब मंत्रमुग्ध हो गए।
भक्ति योग का अमेरिका सहित तमाम देशों में परचम फैलाने वाले कैलिफोर्निया के ईरा जेफरी रोसेन जो कि अब वहां गोविंद दास के नाम से जाने जाते हैं। आजकल ऋषिकेश में अपनी कीर्तन मंडली के साथ आए हुए हैं। वो बाबा नीमकरोली के अनन्य भक्त हैं। उन्होंने मैरीलैंड विश्वविद्यालय में आध्यात्मिक शिक्षाओं के लिए अपने प्रेम को जगाया। 1994 में लॉस एंजिल्स में रहते हुए, स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं (अल्सरेटिव कोलाइटिस) के कारण उन्होंने चिकित्सा के वैकल्पिक तरीकों की तलाशना शुरू किया। वर्षों तक योग के विभिन्न अभ्यास करने के बाद इरा रोसेन अपने ‘प्रेम और भक्ति के योग को प्राप्त कर सके। इसके बाद उन्होंने कैलिफोर्निया में भक्ति योगशाला की नींव रखी। इसमें आज पूरे विश्व से हजारों भक्त जुडे़ हुए हैं। इनकी भक्ति को देखते हुए उनका आध्यात्मिक नाम दिया गया था। गोविंद दास, जिसका अर्थ है ‘परमात्मा का सेवक। सेवा का यह मार्ग उनके आध्यात्मिक जीवन के मूल में है। प्रेम की सेवा के लिए और आत्मा जो सभी के दिल में रहती है। उनको भारत के प्रसिद्ध संत नीम करोली बाबा ने भक्ति परंपरा ने आकर्षित किया। अमर उजाला से एक मुलाकत में उन्होंने बताया कि बाबा नीमकरोली ने सपनों में आकर उनको आशीर्वाद दिया था। तब उन्होंने अपना व्यवसाय छोड़ पूरी तरह आध्यात्म के लिए समर्पित हो गए। उन्होंने काफी समय वृंदावन में भी बिताया। बुधवार को उन्होंने आनंद प्रकाश योगा आश्रम लक्ष्मणझूला में योग ऋषि विश्वकेतु के सान्निध्य में अपना भक्ति योग का कार्यक्रम प्रस्तुत कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। जब उन्होंने हनुमान चालिसा अपनी कीर्तन मंडली के साथ गाई तो सभी मंत्रमुग्ध हो गए। उनका कहना है कि ऋषिकेश योग व आध्यात्म की दुनिया में सबसे सुंदर जगह है।