सावन के सोमवार और शिवरात्रि के पर्व पर नीलकंठ महादेव मंदिर में आठ लाख से अधिक भक्तों ने भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। तड़के से शुरू हुआ जलार्पण देर शाम तक चलता रहा। इस दौरान पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव और बोल बम से गूंजता रहा।
कांवड़ यात्रा के 14वें दिन सुबह से कांवड़िए जत्थे में तीर्थनगरी पहुंचने शुरू हो गए। रेलवे रोड, हरिद्वार मार्ग, मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम और नीलकंठ पैदल मार्ग पर शिवभक्तों का हुजूम जुटा रहा। उन्होंने विभिन्न घाटों में डुबकी लगाई और गंगा जल लेकर नीलकंठ यात्रा आरंभ की। नीलकंठ महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से मंदिर में जलार्पण किया।
बेकाबू भीड़ के लिए पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
नीलकंठ मंदिर में पुलिस को भीड़ को काबू में करने के लिए जमकर पसीना बहाना पड़ा। सांध्यकालीन आरती के बाद भी जलाभिषेक जारी रहा। नीलकंठ क्षेत्र में रिकार्ड भीड़ के चलते पार्किंग स्थल वाहनों से पूरी तरह पैक रहे। लक्ष्मणझूला थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि अभी तक नीलकंठ में श्रद्धालुओं का आंकड़ा पैंतीस लाख के पार हो चुका है।
तीर्थनगरी में पौराणिक वीरभद्र महादेव, बनखंडी महादेव, सोमेश्वर मंदिर, चंद्रेश्वर महादेव मंदिर में भी सुबह से भक्तों की आमद बनी रही।
हृदयगति रुकने से मौत
नीलकंठ महादेव मंदिर जा रहे एक कांवड़िए की हृदयगति रुकने से मौत हो गई। पुलिस के प्रयास के बावजूद शव की शिनाख्त नहीं हो पाई। शव हरिद्वार जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। पुलिस ने बताया कि करीब साठ वर्षीय कांवड़िया सोमवार दोपहर नीलकंठ महादेव मंदिर की ओर जा रहा था। मौनी बाबा गुफा के समीप अचानक तबियत बिगड़ गई। अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।