ब्यूरो/अमर उजाला, मुनिकीरेती । उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय हल्द्वानी की ओर से श्री दर्शन संस्कृत महाविद्यालय में आयोजित कार्यशाला में दिव्यांगों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों की जानकारी दी गई। मुनिकीरेती स्थित महाविद्यालय सभागार हॉल में आयोजित दिव्यांग शिक्षा में अनुसंधान विषय पर आयोजित दूसरे दिन की कार्यशाला का मेयर अनिता ममगाईं ने शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि शोध पर सधा हुआ काम होना जरूरी है, शोध ऐसा हो जो राज्य और देश को प्रगति की ओर ले जाए। मेयर ने नगर निगम ऋषिकेश में दिव्यांग बच्चों के लिए आवासीय विद्यालय संचालन किए जाने का आश्वासन दिया।
दून विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. हर्ष डोभाल ने दिव्यांगता में शोध को प्रारंभ करने के लिए सही प्रकरण के चुनाव, दिव्यांग लोगों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों से संबंधित विषयों पर शोध के बारे में बताया। डॉ. दीक्षित ने शोध लेखन में भाषा व्याकरण के चुनाव में भाषा अनुप्रयोग व भाषण पर जोर दिया। इसके अलावा उन्होंने अब तक किए गए शोध की एक रूपरेखा प्रस्तुत की। इस मौके पर वीर चंद्र सिंह गढ़वाली वानिकी विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर एसपी सती, कार्यशाला संयोजक डॉ. सिद्धार्थ पोखरियाल, डॉ. पूजा जुयाल, डॉ. श्याम कुंजवाल, निधि पोखरियाल, मनीषा पंत, आचार्य कमल डिमरी, तरुण नेगी आदि मौजूद थे।