फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

300 अवैध योग केंद्र, 45 दिन में थमा रहे योग गुरु का प्रमाणपत्र

विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत निजी अस्पतालों पर तो कार्रवाई शुरू हो गई है लेकिन तीर्थनगरी में फैले योग केंद्रों पर अब तक शासन प्रशासन का ध्यान नहीं गया है। हालात ये हैं कि अमेरिकन अलाइंस नाम से योग केंद्रों का जाल बिछ गया है। इनमें एक्ट के बुनियादी मानक भी पूरे नहीं किए जा रहे हैं। तीर्थनगरी में हर पांच सौ मीटर पर एक योग केंद्र देखने को आसानी से मिल जाता है। यहां 45 दिन का कोर्स करवाकर योग गुरु होने का प्रमाणपत्र थमा दिया जाता है। इसके लिए विदेशियों से 80 हजार जबकि स्थानीय लोगों से 40 हजार रुपये फीस वसूली जाती है।
विज्ञापन

स्वर्गाश्रम, मुनिकीरेती, लक्ष्मणझूला और ऋषिकेश क्षेत्र में करीब 300 अवैध योग केंद्र संचालित हो रहे हैं। गौरतलब है कि क्लीनिकल एस्टेब्लिसमेंट एक्ट के तहत एलोपैथिक, होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक तथा योग केंद्रों का पंजीकरण होना अनिवार्य है। एक्ट के तहत पंजीकरण करवाने के लिए नर्सिंगहोम और क्लीनिक पर तो शासन का डंडा चला लेकिन योग केंद्रों के बारे में किसी का ध्यान ही नहीं गया।
तीर्थनगरी क्षेत्र में पंजाब सिंध क्षेत्र साधु महाविद्यालय, यूआईपीएस, शीतल बायोमेडिकल कॉलेज, जयराम आश्रम, पीजी आटोनॉमस कॉलेज ही मान्यता प्राप्त संस्थान हैं जहां योग का कोर्स कराया जाता है। तमाम देसी और विदेशी लोग चंद महीनों का काम चलाऊ योगासन सीखकर प्रशिक्षण केंद्र चला रहे हैं। दिलचस्प पहलू तो यह है कि अधूरी जानकारी बटोरकर दूसरों को भी अमेरिकन अलाइंस नाम की संस्था का प्रशिक्षण प्रमाणपत्र बांटने का खेल चल रहा है। मजे की बात ये है कि वर्षों से चल रहे इस गोरखधंधे पर शासन प्रशासन ने अब तक संज्ञान ही नहीं लिया है।
विज्ञापन


योग केंद्र संचालन के लिए क्या है मानक
क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के दायरे में योग केंद्रों को भी रखा गया है। बाकायदा मानक भी तय हैं। मानकों के मुताबिक योग केंद्र संचालित करने के लिए सबसे योग में डिग्री के साथ पीएचडी धारक होना अनिवार्य है। यदि योग प्रशिक्षक पीएचडी किए बिना केंद्र संचालित करता है तो पूरी तरह से अवैध है। यानी प्रशिक्षक और संचालक के पास योग की डिग्री और पीएचडी प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है। इसके अलावा योग केंद्र चलाने के लिए हॉल होना जरूरी है, जिसमें 100 योग प्रशिक्षुओं के बैठने की व्यवस्था हो।

कोट्स
जिले के सभी एलोपैथिक, होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक और योग केंद्रों सूची मांगी गई है। सूची मिलने के बाद जो क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के मानक पर खरे उतरेंगे उन्हीं को संचालित होने दिया जाएगा। मेरी जानकारी में ऋषिकेश क्षेत्र में करीब दर्जन भर गैर पंजीकृत योग केंद्र हैं। पुख्ता सूचना आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

- डा. एसके गुप्ता, सीएमओ देहरादून।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें