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कहा था बच्चे की जिंदगी बना देंगे, उन्होंने चिराग को ही बुझा दिया

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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। कहते थे बच्चे को पढ़ाकर उसकी जिंदगी बना देंगे, क्या मालूम था कि घर के इकलौते चिराग को यूं साजिशों के तहत बुझा दिया जाएगा। अब हम कहां जाएं, स्कूल प्रबंधन चाहे जो दलील दे, हमने अपने पूरे परिवार के भविष्य की बागडोर बड़े भरोसे के साथ स्कूल को सौंपी थी। अब क्या कहें हमारी तो दुनिया ही उजड़ गई, इकलौता बेटा मार दिया गया। हमारी दो बेटियां भी चिल्ड्रन होम अकादमी में ही पढ़ती हैं। उन्हें भी वापस घर ले आए हैं। भाई के कब्रिस्तान में कोई बहन कैसे पढ़ पाएगी।
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ये संवेदना को झकझोर देने वाली पीड़ा वासु के माता पिता की है। वासु की दो बहनें भी चिल्ड्रन होम अकादमी में ही हैं। एक नवीं और दूसरी 11वीं की छात्रा है। दोनों बहनें अपने भाई के साथ हुई घटना से इतनी सहमी हैं कि दोबारा स्कूल की ओर जाने की भी हिम्मत नहीं जुटा पा रही हैं। बता दें कि 10 मार्च को अकादमी के 12वीं कक्षा के दो छात्रों ने बैट से वासु को बुरी तरह से पीट दिया था, जिसके कारण 11 मार्च को अस्पताल में वासु ने दम तोड़ दिया था। वासु के पिता झप्पू यादव अपनी पत्नी श्यामा और तीन बेटियों के साथ मेरठ के विवेकानंद कुष्ठ आश्रम में रहकर गुजारा करते हैं।

बच्चे से कोई शिकायत थी तो कह देते
झप्पू यादव ने बताया कि स्कूल प्रबंधन और पुलिस की ओर से बताया जा रहा है कि बिस्कुट चोरी करने की सजा वासु को दी गई। यदि वासु सेे कोई शिकायत थी तो कह देते, वह खुद उसे स्कूल से निकाल लेते। झप्पू यादव ने कहा कि सोचा था वासु पढ़ लिखकर अपने पांव पर खड़ा हो जाएगा। दोनों बेटियां भी वहीं पढ़ाई लिख शादी करने के बाद अपने घर चली जाएंगी तो वासु के सहारे अपनी जिंदगी काट लेंगे।
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फफक पड़ी मां, कहा-दोषियों को उम्र कैद हो
वासु की मां श्यामा ने फफकते हुए कहा कि जिसने भी मेरे लाल को मुझसे छीना है उसे उम्र कैद होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसे हम जिंदा रहते पीड़ा महसूस कर रहे हैं वैसे ही मासूम का कत्ल करने वाले भी तिल-तिल जिंदगी की घुटन का अहसास करें। उनका कहना है कि जो भी हुआ उसके बाद किसी ने उनकी मदद कर पहल नहीं की है।
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