श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के प्री-पीएचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश को लेकर छात्रों ने रुचि नहीं दिखाई है। यहां मात्र 50 फीसदी सीटों पर ही प्री-पीएचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों ने काउंसलिंग कराई है।
बीते वर्ष अगस्त माह में कुमाऊं विवि ने संयुक्त प्री-पीएचडी प्रवेश परीक्षा आयोजित कराई थी। कुछ रोज पहले प्रवेश परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की काउंसलिंग हुई। विवि के ऋषिकेश परिसर व उससे संबद्ध 13 पीजी काॅलेजों के विभिन्न विभागों के लिए 473 सीटें आवंटित हुई हैं।
इन सीटों पर प्री-पीएचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए श्रीदेव सुमन विवि ने बीते सात व नौ जनवरी को काउंसलिंग प्रक्रिया कराई थी। इस दौरान मात्र 245 सीटों पर प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों ने काउंसलिंग कराई है। अभी भी 228 सीटें रिक्त हैं। विज्ञान संकाय के विषयों में करीब 50 फीसदी सीटें रिक्त रह गई हैं।
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भूगर्भ विज्ञान में एक भी प्रवेश नहीं
भूगर्भ विज्ञान में प्री-पीएचडी की एक भी सीट पर प्रवेश के लिए काउंसलिंग नहीं हुई है। वहीं वाणिज्य और वनस्पति विज्ञान में सबसे अधिक सीटें रिक्त हैं। कला संकाय के इतिहास, समाज शास्त्र, राजनीति विज्ञान व अंग्रेजी विषय में सभी सीटों पर काउंसलिंग कराई गई है।
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इन विषयों मेंं होगा प्री-पीएचडी पाठ्यक्रम
श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विवि के परिसर व संबद्ध 13 काॅलेजों में 20 विषयों में प्री-पीएचडी पाठ्यक्रम संचालित होंगे। जिसमें वनस्पति विज्ञान, रसायन विज्ञान, अर्थशास्त्र, शिक्षा, अंग्रेजी, भूगोल, भूगर्भ, हिंदी, इतिहास, गृह विज्ञान, गणित, सैन्य विज्ञान, संगीत, राजनीति विज्ञान, मनोविज्ञान, संस्कृत, सामाजिक विज्ञान, जंतु विज्ञान, भौतिक विज्ञान व वाणिज्य शामिल हैं। सबसे अधिक 50 सीट वाणिज्य व सबसे कम दो सीटें भूगर्भ विज्ञान में हैं।
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इन काॅलेजों में भी होगा प्री-पीएचडी
इस बार से राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय उत्तरकाशी, अगस्त्यमुनि, डोईवाला, कर्णप्रयाग, न्यू टिहरी, कोटद्वार, गोपेश्वर, रायुपर, गैरसैंण, डाकपत्थर, पुरोला, जयहरीखाल, नरेंद्र नगर में भी प्री-पीएचडी पाठ्यक्रम संचालित होंगे।
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- प्री-पीएचडी की करीब 50 फीसदी सीटें रिक्त हैं। जिन सीटों पर काउंसलिंग प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, उन पर प्रवेश के लिए अंतिम 13 फरवरी निर्धारित की गई है। इसके बाद रिक्त सीटों के लिए दूसरी सूची जारी की जाएगी। - प्रो. अहमद परवेज, निदेशक, शोध अध्ययन