फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

50 परिवार मोमबत्ती के सहारे काट रहे रातें

Mon, 19 Sep 2016 12:57 AM IST
rishikesh
विज्ञापन
अंधेरा पसरा - फोटो : file photo
विज्ञापन
ऊर्जा निगम की लापरवाही से मंगलिया गांव में 12 दिनों से अंधेरा पसरा है। गांव के 50 परिवार मोमबत्ती के सहारे रातें काट रहे हैं। बिजली न होने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है। उपभोक्ताओं की शिकायत के बावजूद ऊर्जा निगम के अधिकारी गांव में बिजली न होने से अंजान बने हुए हैं। मोबाइल चार्ज न होने से गांव के लोग अपने नाते-रिश्तेदारों का हालचाल तक नहीं ले पा रहे हैं।
विज्ञापन

बच्चे रात को पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। गांव के समीपवर्ती जंगल होने से जंगली जानवरों का भय बना हुआ है। इसके बावजूद ऊर्जा निगम के अधिकारी गांव के लोगों की सुध लेने को तैयार नहीं है। तीन दिन के अंतर्गत विद्युत आपूर्ति बहाल न होने से नाराज उपभोक्ताओं ने ऊर्जा निगम कार्यालय में तालाबंदी करने की चेतावनी दी है।

किसी भी क्षेत्र में विद्युत ट्रांसफार्मर फुंकने पर ऊर्जा निगम का 48 घंटे के भीतर नया ट्रांसफार्मर लगाने का नियम है। लेकिन, मंगलिया गांव के मामले में ऊर्जा निगम का यह निमय औधे मुंह गिर गया है। डेढ़ माह पहले यमकेश्वर ब्लॉक के मंगलिया गांव का भी विद्युत ट्रांसफार्मर जल गया था। गांव के लोगों को परेशानी न होने इसके लिए सौड़ गांव के विद्युत ट्रांसफार्मर से मंगलिया गांव के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत विद्युत आपूर्ति की गई थी।
विज्ञापन


लेकिन, पिछले 12 दिनों से मंगलिया की विद्युत आपूर्ति ठप है। गांव की प्रधान शकुंतला देवी, भरत सिंह, त्रिलोक सिंह, आनंद सिंह नयाल, मंगल सिंह और शेर सिंह ने बताया कि विद्युत आपूर्ति बाधित होने की शिकायत उन्होंने जेई ओर लाइनमैन से की। वे विद्युत आपूर्ति बहाल करने का झूठा आश्वासन दे रहे हैं। बताया गावं के समीप जंगल है। रात में बिजली न होने से जंगली जानवर गांव की ओर रूख कर हिंसक वारदात केे अंजाम दे सकते हैं। बच्चे पढ़ाई नहीं कर पा है। अव्यवस्था से परेशान उपभोक्ताओं ने तीन दिन के भीतर व्यवस्था न सुधरने पर ऊर्जा निगम कार्यालय में तालाबंदी करने का निर्णय लिया है।

मोबाइल चार्ज करने को दो किमी दूर जा रहे लोग
ऋषिकेश। मंगलिया गांव में बिजली न होने पर गांव के लोगों को अपने मोबाइल चार्ज करने के लिए दो किमी दूर पैदल वीर काटल या फिर बीनक गांव में जाना पड़ रहा है। तब जाकर लोग अपने नाते-रिश्तेदारों से संपर्क कर पा रहे हैं। आनंद सिंह नयाल का कहना है कि गांव के अधिकांश लोग बाहर नौकरी करते हैं। गांव में बुजुर्ग माता-पिता रहते हैं। बुजुर्ग लोगों को अपने मोबाइल चार्ज करने के लिए पैदल ही दूसरे गांव की पगदंडी नापनी पड़ रही है। गांव में बिजली न होने से बाहर सेवारत लोग अपने रिश्तेदारों से संपर्क न होने के कारण परेशान हैं।

मंगलिया गांव का विद्युत ट्रांसफार्मर डेढ़ माह पहले जला था। तब से मंगलिया गांव में डौर गांव से विद्युत आपूर्ति की जा रही है। मंगलिया गांव में विद्युत कनेक्शन कम है। इसलिए नया ट्रांसफार्मर आने तक यह व्यवस्था की गई है। गांव में पिछले 12 दिनों से बिजली न होने की शिकायत किसी ने दर्ज नहीं की है। यदि ऐसा हुआ है तो लाइनमैन को वहां भेजकर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। - जगवीर सिंह चौहान, जेई ऊर्जा निगम 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें