ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
सभी वेदों में श्रीमद्भागवत महापुराण को सर्वश्रेेष्ठ माना गया है। यह एकमात्र ऐसा महापुराण है जिसके सुनने मात्र से ही मानव को मुक्ति मिलनी निश्चित है।
ये बातें कथावाचक पंडित जय कृष्ण अंथवाल ने रविवार को भरत विहार में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के दौरान कहीं। पं. अंथवाल ने कहा कि वेदव्यास द्वारा रचित श्रीमद्भागवत महापुराण मनुष्य के लिए कल्याणकारी है। रामचरितमानस मनुष्य के चरित्र को उजागर करती है। वहीं श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को जीवन जीने की कला सिखाती है। कथा के दौरान पुलवामा में आतंकवादियों की ओर से भारतीय सैनिकों पर किए गए हमले के दौरान मारे गए 42 सैनिकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर पार्षद विकास तेवतिया, तनु तेवतिया, जितेंद्र बर्थवाल, अनुसुइया बर्थवाल, रोशनलाल, गोपाल, आशीष विजय देवरानी, मनोज रावत, सीएम भट्ट, एमएस ठाकुर, रजनी जोशी, सीमा देवरानी, मंजू रावत, सावित्री भट्ट, विमला ठाकुर, अपर्णा शर्मा, हरिओम शर्मा आदि उपस्थित रहे।