ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। उच्च शिक्षामंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि संसाधन उपलब्ध कराना सरकार का कार्य है लेकिन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना प्राध्यापकों की जिम्मेदारी है। प्रदेश में बहुत जल्द ही तीन मॉडल कॉलेजों की स्थापना होने जा रही है। यह कॉलेज हरिद्वार, किच्छा के उधमसिंह नगर और पौड़ी के पैठाणी में खोले जा रहे हैं। इन परिसरों का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। 30 मार्च तक प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में फर्नीचर, लैब का सामान, प्रोफेसरों की नियुक्ति आदि सभी संसाधनों को पूरा कर लिया जाएगा।
पंडित ललित मोहन शर्मा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मंगलवार से शुरू हुुई दो दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस के शुभारंभ मौके पर उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने यह जानकारी दी। उच्च शिक्षा में गुणवत्ता वृद्धि और समग्र दृष्टिकोण विषय पर आयोजित नेशनल कांफ्रेंस का शुभारंभ विस अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल और मंत्री धन सिंह रावत ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एमपी माहेश्वरी ने मुख्य अतिथि व विशिष्ठ अतिथियों को शॉल व पौधा भेंटकर सम्मानित किया।
कांफ्रेंस को संबोधित करने के दौरान सेमेस्टर सिस्टम की अनिवार्यता पर मंत्री ने कहा कि इसके लिए एक से 30 मार्च तक सभी महाविद्यालयों में ऑनलाइन सर्वे किया जाएगा। बहुमत के आधार पर ही महाविद्यालयों में सेमेस्टर प्रणाली को लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता ही प्रदेश को आगे बढ़ने में मील का पत्थर साबित होगी। इस अवसर पर दायित्वधारी राज्य मंत्री ज्ञान सिंह नेगी, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. वीसी मलकानी, डॉ. विजय धस्माना, सचिव प्रोफेसर मोहन सिंह रावत, कार्यक्रम संयोजक डॉ. सुमित्रा श्रीवास्तव, डॉ. श्रुति बिष्ट, डॉ. विनोद अग्रवाल, डॉ. अशोक नेगी, रायपुर राजकीय महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अंजू अग्रवाल, एमसी त्रिवेदी, एमपी नैनवाल, डॉ. अंजू भटट्, डॉ. अशोक अग्रवाल, डॉ राजेश, अरविंद तिवारी, अल्पना जोशी आदि मौजूद थे ।
महाविद्यालय में खुले श्रीदेव सुमन विवि कैंपस
ऋषिकेश। कार्यक्रम के दौरान विधान सभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने उच्च शिक्षा मंत्री के सामने महाविद्यालय में श्रीदेव सुमन विवि कैंपस खोलने का प्रस्ताव रखा। कहा कि महाविद्यालय ऑटोनॉमस होने के कारण सीमित छात्र ही प्रवेश ले पाते हैं। उन्होंने अपनी पूर्व में की गई मांग को दोहराते हुए कहा है कि महाविद्यालय के पास 50 एकड़ से अधिक भूमि है। इसी परिसर में श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय का कैंपस स्थापित किया जाए। इस पर मंत्री ने कहा कि जल्द ही वे श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय का कैंपस स्थापित करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप देंगे। साथ ही महाविद्यालय के प्राचार्य को इस संदर्भ में प्रस्ताव भेजने को कहा।