ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ बैंकिंग उद्योग की 9 ट्रेड यूनियनों के बैंककर्मी बुधवार को हड़ताल पर रहे। बैंककर्मी सरकार से बैंकों का विलय तुुरंत बंद करने, बढ़ते एनपीए को कम करने और वसूली के लिए सख्त कानून बनाने की मांग के समर्थन में हड़ताल पर हैं। वहीं हड़ताल से शहर में 150 करोड़ का लेनदेन प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
बुधवार को रेलवे रोड स्थित स्टेट बैंक, मुख्य शाखा के सामने बैंक कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया। बैंककर्मी केंद्र सरकार की ओर से देना, विजया, बैंक ऑफ बड़ौदा बैंकों के प्रस्तावित विलय समेत कई मांगों के समर्थन में बैंकों में तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान उत्तरांचल बैंक इंप्लाइज यूनियन के जिला सचिव मयंक शर्मा ने कहा कि वित्तीय सुधारों के नाम पर सरकार पब्लिक सेक्टर बैंकों को बेचने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यूनियन ने सरकार से कई बार बातचीत कर समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया है, लेकिन सरकार बैंक यूनियनों को दरकिनार कर रही है। प्रदर्शन में संजय शर्मा, डीएस रावत, सुरेश भट्ट, राजकुमार, रवि भट्ट, जीएम भर्तोलिया, पवन बिष्ट, पुरुषोत्तम लखेड़ा आदि मौजूद रहे। वहीं बैंककर्मियों की हड़ताल से शहर में लगभग 150 करोड़ रुपये के लेनदेन प्रभावित होने की बात कही जा रही है।