- 2022 में छह कक्ष निष्प्रयोज्य घोषित, चार साल बाद भी नहीं बना नया भवन
- अटल उत्कृष्ट सिर्फ नाम का, खेल मैदान भी क्षतिग्रस्त, अभिभावक नाराज
संवाद न्यूज एजेंसी
यमकेश्वर। राजकीय इंटर कॉलेज गैंडखाल को अटल उत्कृष्ट का दर्जा तो दिया गया है, लेकिन यहां छात्र-छात्राएं खतरे के साए में पढ़ रहे हैं। लोक निर्माण विभाग ने वर्ष 2022 में विद्यालय के छह कक्षों को निष्प्रयोज्य घोषित कर दिया था, लेकिन चार वर्ष बीत जाने के बाद भी छात्र उसी जर्जर भवन में जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। जबकि यहां नए भवन निर्माण के लिए पर्याप्त भूमि भी उपलब्ध है।
राजकीय अटल उत्कृष्ट इंटर कॉलेज गैंडखाल में कक्षा छह से बारह तक कुल 198 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इनके लिए मात्र नौ कक्ष उपलब्ध हैं, जबकि आवश्यकता कम से कम 11 कक्षों की है। इसके अलावा वर्ष 2022 से विद्यालय का खेल मैदान भी भूस्खलन की चपेट में आने से उपयोग के लायक नहीं रहा, जिससे विद्यार्थियों की खेल गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
लोनिवि की निरीक्षण रिपोर्ट में भवन की छतों से सरिया बाहर निकलने, उनमें जंग लगने, दीवारों में गहरी दरारें, टूटे फर्श और बारिश के दौरान कक्षाओं में पानी टपकने का उल्लेख है। रिपोर्ट में भवन के कभी भी धराशायी होने की आशंका जताई गई थी।
स्थिति इतनी गंभीर है कि बरसात के मौसम में कक्षा छह और सात के कमरे खाली करा दिए जाते हैं। कक्षा छह के पांच और कक्षा सात के नौ विद्यार्थियों को अस्थायी रूप से कंप्यूटर कक्ष और आईसीटी लैब में पढ़ाया जा रहा है। विद्यालय के पास करीब 78 नाली भूमि उपलब्ध है, लेकिन पर्याप्त जमीन होने के बावजूद नया भवन बनाने की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है।
अभिभावकों का कहना है कि सरकार ने विद्यालय को अटल उत्कृष्ट का दर्जा तो दे दिया, लेकिन सुरक्षित भवन जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं कराई।
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कोट
विद्यालय की कक्षा छह और सात के कक्ष सुरक्षा की दृष्टि से खाली करवाए गए हैं। वर्ष 2022 से खेल मैदान भी क्षतिग्रस्त है। नए भवन के निर्माण के लिए विद्यालय के पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। - पार्थ सारथी काला, प्रधानाचार्य, राजकीय अटल उत्कृष्ट इंटर कॉलेज, गैंडखाल