ब्यूरो/अमर उजाला, डोईवाला। लच्छीवाला नेचर पार्क में तैयार की गई गंगा वाटिका लाखों पर्यटकों को गंगा की स्वच्छता और निर्मलता को बनाए रखने का संदेश देगी। पार्क परिसर में गंगा वाटिका पूरी तरह से तैयार हो गई है। पर्यटक सीजन से वाटिका के जरिये लोगों को गंगा स्वच्छता की मुहिम के साथ जोड़ने की कवायद शुरू हो जाएगी। देहरादून वन प्रभाग के लच्छीवाला वन रेंज के अंतर्गत लच्छीवाला नेचर पार्क में नमामि गंगे परियोजना के तहत गंगा नदी की सहायक नदियों को स्वच्छ रखकर गंगा स्वच्छता की मुहिम के साथ जोड़ने 35 लाख की धनराशि व्यय कर गंगा वाटिका तैयार की गई है।
लच्छीवाला की सौंग नदी गंगा की सहायक नदी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गंगा को भगवान शिव की जटाओं से उद्गम माना गया है इसलिए गंगा वाटिका को इसी थीम पर विकसित करते हुए बेलपत्र, धतूरा, रुद्राक्ष, कनेर के फूल आदि भी विकसित किए गए हैं। वाटिका के तहत तुलसी वाटिका बनाकर यहां चार प्रकार की तुलसी रामा, श्यामा, बद्रीनाथी और लेमन तुलसी की वाटिका भी बनाई गई है। गंगा स्वच्छता के लिए प्रेरित करने के संदेश भी लगाए जा रहे है। इसके अलावा गंगा वाटिका में आकर्षक झरने, बैठने के लिए उचित स्थान, पर्यटकों के लिए घूमने के लिए ट्रैक बनाया गया है। बता दें कि लच्छीवाला नेचर पार्क में प्रतिवर्ष एक से डेढ़ लाख पर्यटक घूमने के लिए आते हैं। गंगा वाटिका के माध्यम से उनको गंगा और उसकी सहायक नदियों को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
कोट्स
लच्छीवाला नेचर पार्क का सौंदर्य बढ़ाने वाली सौंग नदी गंगा की सहायक नदी है। प्रतिवर्ष लाखों पर्यटक घूमने आते हैं। पर्यटकों को गंगा स्वच्छता के प्रति जागरूक करने और मुहिम के साथ जोड़ने के लिए गंगा वाटिका तैयार की गई है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से गंगा वाटिका का शुभारंभ करवाने की योजना है।
- घनानंद उनियाल, वन क्षेत्राधिकारी, लच्छीवाला वन रेंज ।