ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। क्लीनिकल इस्टैबलिस्टमेंट एक्ट के विरोध में शुक्रवार से तीर्थनगरी के निजी चिकित्सक अपने क्लीनिक को अनिश्चितकाल के लिए बंद रखेंगे। निजी चिकित्सकों ने बैठक आयोजित कर सरकार से क्लीनिकल इस्टैबलिस्टमेंट एक्ट की जगह उत्तराखंड हेल्थ केयर इस्टैबलिस्टमेंट एक्ट लागू करने की मांग की। आईएमए के अध्यक्ष डॉ. हरिओम प्रसाद ने बताया कि उत्तराखंड हेल्थकेयर इस्टैबलिस्टमेंट एक्ट लागू करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री से पूर्व में वार्ता की गई थी।
उस समय सीएम ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि इस प्रस्ताव को वह कैबिनेट में रखेंगे। इस संबंध में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। समिति के सचिव डॉ. यूएस खरोला ने बताया कि प्रदेश सरकार के इस रवैये से नाराज निजी चिकित्सकों ने शुक्रवार से अपने-अपने क्लीनिक पर अनिश्चितकाल के लिए तालाबंदी करने का निर्णय लिया है। बैठक में डॉ. बीएम सोनी, डॉ. केएन लखेड़ा, डॉ. एसडी उनियाल, डॉ. विजय जोशी, डॉ. यूपी गुप्ता, डॉ. आरके भारद्वाज, डॉ. वीके पुरी, डॉ. चीनिता पुरी, डॉ. अमित, डॉ. राजेश अग्रवाल, डॉ. गीतिका द्विवेदी, डॉ. गगन शर्मा आदि उपस्थित रहे।