ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश । देश के विकास में महिलाएं अहम भूमिका निभा रही हैं। वह देश की रक्षा, राजनीति, शासनिक प्रशासनिक जिम्मेदारियों के अलावा सामाजिक क्षेत्र में पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। बुधवार को सोमेश्वर नगर में आयोजित अमर उजाला की ओर से अपराजित-100 मिलियन स्माइल्स महाअभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ समाज सेवी उषा जोशी ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आज की नारी अपनी स्वयं की पहचान खुद बनाना जानती हैं। अपनी काबिलियत और मेहनत की बदौलत वह समाज की संकीर्ण मान्यताओं को तोड़कर आगे बढ़ना चाहती हैं।
उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति के लिए नारियों को शिक्षित होना बहुत जरूरी है। आज की नारियां भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सीमाओं पर दुश्मनों का मुकाबला कर रही हैं। इसके अलावा और भी कई क्षेत्रों में अपना परचम लहराकर यह साबित कर दिया है कि नारियां किसी से कम नहीं हैं। वर्तमान में लगातार बढ़ रही दुष्कर्म की घटनाओं से महिलाएं अपने को असुरक्षित महसूस कर रही हैं जो नारी गरिमा के लिए चिंता का विषय है। इसके लिए सरकार को एतिहातिक तौर पर कठोर कदम उठाने चाहिए।
शिक्षा के अभाव में आज भी कई महिलाएं शोषण का शिकार हो रही हैं। इसके लिए हमें सबसे पहले बेटियों को शिक्षित करने के लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। बेटियां शिक्षित होंगी तो अपने अधिकारों के प्रति सजग रहेंगी।
- पुष्पा नेगी समाज सेविका
आज बेटियों ने हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर नारी गरिमा को बढ़ाया है। बेटियां किसी से कम नहीं हैं। वर्तमान में महिलाओं के प्रति बढ़ता अत्याचार चिंता का विषय है। इस पर अंकुश लगाने के लिए महिलाओं को आगे आना चाहिए।
- सुषमा जोशी गृहणी
देश के विकास में महिलाओं की अहम भूमिका है। यह नारी गरिमा के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। जन जागरुकता के अभाव में कुछ महिलाएं आज भी शोषण का शिकार हो रही है जो चिंता का विषय है। जागरूक होकर महिलाएं इसे रोक सकती हैं।
-रेनू जोशी गृहणी
महिलाओं को बराबरी का दर्जा देने के लिए उन्हें शिक्षित करना जरूरी है। इससे उनकी मानसिक और वैचारिक क्षमता का विकास होगा और वह समाज के शोषण से बचने में कामयाब होंगी। शोषण का मुख्य कारण शिक्षा का अभाव है।
- राजबाला शर्मा गृहणी
आज की महिलाएं अपनी काबिलियत ओर मेहनत के बदौलत समाज की संकीर्ण मान्यताओं को तोड़कर आगे बढ़ना चाहती हैं। समाज को अपनी सोच बदल कर उन्हें ऐसा माहौल पैदा करना होगा जहां वे खुलकर सांस ले सकें।
- कबूतरी देवी गृहणी