ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। नगर निगम क्षेत्र में ग्लोसाइन बोर्ड लगाने को कुल 70 स्थान चिन्हित किए गए हैं। लेकिन 50 ग्लोसाइन बोर्ड अवैध तरीके से जगमगा रहे हैं। अब सालों बाद इन पर अफसरों की नजर पड़ी है तो इन्हें हटाने का अभियान शुरू कर दिया गया है। सहायक नगर आयुक्त के नेतृत्व में एक नोडल एजेंसी बनाई गई है। 26 जून तक शहर के सभी अवैध ग्लोसाइन बोर्ड, होर्डिंग हटवाने और रिपोर्ट देने को कहा गया है।
ग्लोसाइन बोर्ड के जरिये निगम को सालाना 25 लाख रुपए की आय होनी चाहिए। लेकिन पिछले कई सालों से अफसरों की मिलीभगत से राजकोष को चूना लगाया जा रहा है। हाल ही में मुख्य नगर आयुक्त चतर सिंह चौहान की नजर इन अवैध साइन बोर्ड पर गई तो उन्होंने रिकार्ड तलब किया। सर्वे करवाने के बाद करीब 50 ग्लासाइनबोर्ड अवैध पाए गए। नगर आयुक्त ने तत्काल प्रभाव से ऐसी सभी होर्डिगों और ग्लोसाइनबोर्ड को हटवाने का आदेश जारी किया है।
लापरवाही पर दर्ज होगी प्रतिकूल प्रविष्टि
ऋषिकेश। मुख्य नगर आयुक्त ने नोडल एजेंसी को सख्त निर्देश दिया है कि अगर अवैध ग्लोसाइन बोर्ड या होर्डिंग हटवाने में कोताही हुई तो संबंधित लारपवाह अधिकारी के खिलाफ वार्षिक चरित्र पंजिका में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की जाएगी। एमएनए के कड़े रुख के बाद निगम कर्मचारियों में अफरातफरी देखने को मिली। इसी क्रम में कर अधीक्षक निशात अंसारी के नेतृत्व में बैराज रोड पर करीब डेढ़ दर्जन अवैध होर्डिंगें हटवाई गईं।