ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। सरकारी भूूमि पर अवैध कब्जेदारों तथा अतिक्रमणकारियों से कब्जा छुड़ाने संबंधी उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन न कराने पर अब आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गुप्ता संबंधित विभागों के खिलाफ अवमानना वाद दायर करने जा रहे हैं। 24 अगस्त 2018 को उच्च न्यायालय नैनीताल ने ऋषिकेश निवासी आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गुप्ता की एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग, नेशनल हाईवे, हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण तथा नगर निगम को कब्जे हटाने के आदेश दिए थे।
आदेश के बाद नगर में अवैध कब्जेदारों और अतिक्रमणकारियों ने अपने-अपने कब्जों को स्वयं ही तोड़ना शुरू किया था। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते न्यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं किया जा रहा है।
एचआरडीए की कार्रवाई सिर्फ नोटिस तक सीमित
हाईकोर्ट के आदेश के बाद हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) ने रिहायशी इलाकों में व्यवसायिक भवन तथा नियम विरुद्ध निर्माण पर सोमेश्वर नगर और गंगानगर में कुल 109 को नोटिस भेजा है, जबकि नगरभर में एचआरडीए के बॉयलाज के विपरीत निर्माणकर्ताओं की संख्या तीन हजार से भी ऊपर है। प्राधिकरण ने नोटिस भेजने के बाद कार्रवाई को न तो आगे बढ़ाया और न ही नगर के अन्य स्थानों पर मानकों के विपरीत निर्माणकर्ताओं को नोटिस भेजा है।
लोनिवि की कार्रवाई सिर्फ दिखावा
लोक निर्माण विभाग ने हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में नगर में चिह्नीकरण की प्रक्रिया भी अपनाई और कार्रवाई के नाम पर नगर का एक कोना पकड़ा। विभागीय अधिकारियों ने वीरपुर खुर्द से अभियान की शुरू की, जो कोयलघाटी तक आते-आते रुक गई। यहां भी विभाग ने रसूखदारों के भवनों पर कार्रवाई नहीं की।
वर्तमान में चारधाम यात्रा चरम पर है, यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए अतिक्रमण की कार्रवाई रोकी गई है। यात्रा समाप्त होने के बाद अभियान शुरू किया जाएगा।
- प्रेमलाल एसडीएम ऋषिकेश।
25 मई को कोयलघाटी में रहने वाले लोगों को नोटिस भेजे गए हैं, जिनके अभी जवाब नहीं मिल सके हैं। जवाब आने के बाद तहसीलदार के नेतृत्व में सुनवाई की जाएगी। इसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी।
- आरसी कैलखुरा, अधिशासी अभियंता लोनिवि