ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं का जायजा लेने बीटीसी पहुंचे अपर आयुक्त गढ़वाल हरक सिंह रावत ने यात्रा से जुड़े विभागीय अधिकारियों को यात्रा वाहनों की सीटों के साथ वोमिट बैैग (उलटी होने पर गंदगी से बचाव का थैला) लगाने के निर्देश दिए। सोमवार को बस ट्रांजिट कंपाउंड में अपर आयुक्त गढ़वाल चारधाम यात्रा से जुड़े विभागीय अधिकारियों के साथ एक बैठक की। बैठक में चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं को बेहतर रखने के निर्देश दिए गए। बैठक में अपर आयुक्त गढ़वाल ने चारधाम यात्रा में बसों की कमी, बसों में सफाई, पानी और लाइट, बस स्टेंड के एटीएम में कैश की व्यवस्था आदि का संज्ञान लिया।
इसके बाद अपर आयुक्त गढ़वाल ने संयुक्त रोटेशन यातायात व्यवस्था समिति को रोडवेज की तर्ज पर चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन टिकट काउंटर खोलने के लिए कहा। नगर निगम और आरटीओ विभाग को बसों और बाहर गंदगी करने वालों का चालान करने के निर्देश दिए। जल संस्थान के अधिकारियों को हिदायत दी गई कि पेयजल की कमी न हो इसके लिए बस अड्डे के वॉटर कूलर की टंकी को मोटर से जोड़ा जाए। बस स्टैंड के एटीएम में कैश न होने पर एसडीएम प्रेमलाल को बैंक के अधिकारियों से वार्ता करने के लिए कहा। बैठक में एसडीएम प्रेमलाल, सीओ विरेंद्र सिंह रावत, एआरटीओ अनिता चमोला, नगर निगम के सहायक अभियंता आनंद मिश्रवाण, सफाई निरीक्षक सचिन रावत, जल संस्थान की जेई पिंकी चंद, संयुक्त रोटेशन यातायात व्यवस्था समिति के अध्यक्ष भानु प्रकाश रांगड़, पर्यटन वैयक्तिक सहायक एके श्रीवास्तव, ऋषिकेश पर्यटन अधिकारी युद्धवीर कोहली, एजीएम रोडवेज पीके भारती, आशुतोष तिवाड़ी उपस्थित थे।
अधिकारी करते रहे दावा और गुल हुई लाइट
विद्युत विभाग का चौबीस घंटे विद्युत आपूर्ति का दावा फेल हो गया है। बैठक में अपर आयुक्त ने विभागीय अफसरों को बिजली और पानी में कतई कटौती न करने का निर्देश दिया। मौके पर उपस्थित अधिकारियों ने बीटीसी में चौबीस घंटे पानी और विद्युत आपूर्ति का दावा पेश कर रहे थे इसी बीच बत्ती गुल हो गई। इस हास्यास्पद स्थिति से निपटने के लिए जनरेटर चालू करवाया गया। करीब 15 मिनट बाद बैठक स्थल के पंखे चल पाए।
ट्रंचिंग ग्राउंड का हाल भी जाना
बैठक मेें अपर आयुक्त गढ़वाल ने हरिद्वार रोड के समीप स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड की स्थिति के बारे में भी जाना। इस पर नगर निगम के सहायक अभियंता आनंद मिश्रवाण ने बताया कि पूर्व में ट्रंचिंग ग्राउंड का लालपानी में शिफ्ट होना तय हुआ था। बाद में एनजीटी ने रोक लगा दी थी। फिलहाल शासन से दस हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के लिए आवेदन किया गया है।