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अवैध निर्माणों को हटाने में खानापूर्ति

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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद तीर्थनगरी में प्रशासन का अतिक्रमण हटाओ अभियान अधर में लटका गया है। व्यस्त मार्गों पर पसरे अतिक्रमण से जाम की समस्या लगातार बनी हुई हैं। इससे स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटकों को भी खासी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। हाईकोर्ट के आदेशानुसार अगस्त 2018 में तीर्थनगरी के मार्गों में पसरे अतिक्रमण को हटाने के निर्देश जारी किए गए थे। मई माह में चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले प्रशासन और नगर निगम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई कर तहसील रोड, नटराज चौक, देहरादून रोड, यात्रा बस स्टैंड से अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त किया था।
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वीरभद्र मार्ग और रेलवे रोड पर लोक निर्माण विभाग ने कुछ अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने की खानापूर्ति की थी। इसके बाद से अतिक्रमण हटाओ अभियान अधर में लटक गया। शहर के व्यस्त मार्ग त्रिवेणी घाट चौक, रेलवे रोड, मुखर्जी मार्ग, क्षेत्र रोड, पुष्कर मंदिर रोड, अद्वैैतानंद मार्ग, तिलक रोड आदि जगहों पर रोड में ही अतिक्रमण पसरा पड़ा है। वीरभद्र मार्ग में भी अतिक्रमण हटाने के नाम पर कुछ जगहों पर ही कार्रवाई हुई। कोयल घाटी तक पहुंचते ही पीडब्ल्यूडी और नगर निगम को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को रोकना पड्ऱा।

ऋषिकेश में एनएच से नहीं हटा अतिक्रमण
कोयल घाटी से लेकर चंद्रभागा पुल तक जगह-जगह अतिक्रमण पसरा है। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद एनएच विभाग ने कभी इस पर कार्रवाई की जहमत नहीं उठाई। कार्रवाई के नाम पर एनएच विभाग मूकदर्शक बना रहा। पूछने पर एनएच ऋषिकेश के सहायक अभियंता प्रवीण सक्सेना ने बताया कि कोयल घाटी से लेकर त्रिवेणी घाट तक फोर लेन बनाए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अमल में लाया जाएगा।
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मुनिकीरेती में भी लटकी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई
चंद्रभागा पुल से नीरगड्डू तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई मेें एनएच विभाग ने चुप्पी साध ली है। कुछ जगहों पर ही कार्रवाई कर अतिक्रमण हटाओ अभियान को रोक दिया है। एनएच श्रीनगर के सहायक अभियंता मृत्युंजय शर्मा ने बताया कि आचार संहिता की वजह से अतिक्रमण की कार्रवाई अधर में लटक गई थी।

कोट्स
वर्तमान में चारधाम यात्रा चरम पर है। यदि इस दौरान अतिक्रमण की कार्रवाई की जाएगी तो अव्यवस्था फैलेगी। लिहाजा अतिक्रमण की कार्रवाई को रोका गया है।
- प्रेमलाल, उपजिलाधिकारी ऋषिकेश

राजस्व से प्रमाणित नक्शे की मांग की गई है। सितंबर माह से नक्शा उप्लब्ध नहीं हो पाया है। वीरभद्र मार्ग और रेलवे रोड पर कुछ जगहों पर अतिक्रमण हटाए गए हैं।
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- आरसी कैलखुरा, ईओ, पीडब्ल्यूडी
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