शहर में डेंगू बेकाबू हो गया है। निगम के फागिंग और कीटनाशकों के छिड़काव के दावे के बावजूद शुक्रवार को 15 नए डेंगू के मरीज मिले हैं। चंद्रेश्वर नगर में डेंगू के तीन और संक्रमित मिले हैं। यहां संक्रमितों की संख्या 33 हो गई है। वहीं, शहर में डेंगू संक्रमितों की संख्या 50 तक पहुंच गई है।
सरकार अस्पताल में लगातार डेंगू संदिग्ध लक्षणों के साथ लोग उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को भी सरकारी अस्पताल की पैथोलॉजी लैब की जांच रिपोर्ट में 15 लोग डेंगू संक्रमण की पुष्टि हुई। चंद्रेश्वरनगर में एक वर्षीय बालक, दो युवक, शिवाजीनगर में महिला, गुमानीवाला में महिला, देहरादून रोड में सात वर्षीय बालक, बीस बीघा बापूग्राम में युवक, देहरादून रोड स्थित कोतवाली में किशोरी डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। मुनिकीरेती पालिका के शीशमझाड़ी में किशोरी, एक किशोर और युवक भी डेंगू पीड़ित मिले हैं।
चौदहबीघा निवासी किशोरी, ढालवाला में बालक में डेंगू से पीड़ित मिले। लक्ष्मणझूला रोड स्थित भैरव कॉलोनी में युवती, लक्ष्मणझूला निवासी युवक में डेंगू की पुष्टि हुई है। अधिकांश मरीज घर पर ही उपचार ले रहे हैं। वहीं, अस्पताल में अब रोजाना आने टाइफाइड के मामलों की संख्या भी 20 तक पहुंच गई है। जिला मलेरिया अधिकारी सुभाष चंद्र जोशी ने बताया कि जिले में 13 नए डेंगू पीड़ित मिले हैं, जिसमें से आठ ऋषिकेश के हैं।
डेंगू के लक्षण
तेज बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द होना, आंखों में दर्द होना, जी मिचलाना, उल्टी होना, गंभीर मामलों में नाक, मुंह, मसूड़ों से खून आना, त्वचा पर चकत्ते उभरना।
डेंगू से बचाव
मच्छरों को भगाने के लिए रिपलेंट, कॉयल, क्रीम और स्प्रे का प्रयोग करें, शरीर को ढक कर रखें और पूरी बाजू के कपड़े पहने, मच्छरदानी का प्रयोग करें, घर के आसपास पानी एकत्रित न होने दें, कूल, गमलों, छत और गैलरी में पड़े खाली सामानों में खाली करते रहे, बच्चों को बारिश के पानी और झाड़ियों के करीब न खेलने दें।