पिछले तीन वर्षों से मंद पड़ी चारधाम यात्रा ने फिर रफ्तार पकड़ी है। देव धामों के दर्शन के लिए जहां देश के विभिन्न प्रांतों से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। वहीं विदेशी श्रद्धालुओं में भी आस्था के प्रति गजब का उत्साह देखने को मिला है। इसकी तस्दीक फोटोमीट्रिक पंजीकरण केंद्र के आंकड़े कर रहे हैं। बीते साल यात्रा शुरू होने के 10 दिन में महज 20 विदेशी श्रद्धालु आस्था पथ की ओर बढ़े थे, इस बार यह संख्या इससे बहुत ज्यादा अधिक है।
इस बार दस दिनों में 1353 विदेशी फोटोमीट्रिक पंजीकरण करा चुके है। वर्ष 2013 मेें केदारघाटी में जलप्रलय से हुई तबाही के बाद चारधाम यात्रा ठहर सी गई थी। खौफ के चलते देशी और विदेशी श्रद्धालुओं ने उत्तराखंड का रुख करना छोड़ दिया, जिससे बीते वर्ष 2015 में चारधाम यात्रा पर उम्मीद के मुताबिक यात्री नहीं आए।
जबकि इस बार देश के विभिन्न प्रदेशों से ही नहीं जर्मनी, हंगरी, अमेरिका, फ्रांस से विदेशी श्रद्घालु चारधाम यात्रा बस टर्मिनल कंपाउंड का रुख कर रहे हैं। फोटोमीट्रिक पंजीकरण करने वाली त्रिलोक सिक्योरिटी सिस्टम कंपनी के प्रबंधक प्रेम अनंत ने बताया कि इस बार विदेशी श्रद्घालु देवधामों के प्रति आस्था लेकर फोटोमीट्रिक पंजीकरण के लिए आ रहे हैं।
एक लाख से पार पहुंचा आंकड़ा
चारधाम यात्रा का आगाज सात मई को हुआ था। तब से महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडू, हैदराबाद, यूपी से चारधाम के दर्शन के लिए श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ रही है। फोटोमीट्रिक पंजीकरण केंद्र के रीजनल हेड श्रीनिवास ने बताया कि मंगलवार दोपहर तक पंजीकरण कराने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या 1,09477 हो गई है।