ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
नशेड़ी आस्था पथ की जालियां और बेंच के पट्टे चुरा कर बेच रहे हैं। आस्थापथ पर लगी रेलिंग की जालियां, बैठने के लिए लगाई बेंच के पटरे, पौधों के लिए लगाई जालियां, फैंसी लाइटें सब गायब चुकी हैं। इन गतिविधियों की भनक चंद कदमों की दूरी पर मौजूद पुलिस को नहीं लग पा रही है।
आस्था पथ का निर्माण क्षेत्रवासियों को मां गंगा के दर्शन, मॉर्निंग तथा ईवनिंग वॉक के लिए किया गया था। इसमें फैंसी लाइटें, लोहे की जालियों वाली रेलिंग, जगह-जगह पर बैठने के लिए बेंच तथा गमलों के जरिए इसकी सुंदरता को भव्य रूप दिया गया था। फिलहाल आस्थापथ बदरंग हो गया है। नशे के लती अराजकतत्वों ने आस्थापथ की इन संपत्तियों पर हाथ साफ कर दिया है। त्रिवेणी घाट से लेकर बैराज तक करीब दो दर्जन से ज्यादा रेलिंग की जालियां और बेंच के पटरे गायब हो चुके हैं।
निगरानी के अभाव में लुट रहा आस्थापथ
बीते दिनों अमर उजाला में छपी खबर का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने आस्थापथ पर चहलकदमी बढ़ाई थी। इसके बाद अराजकतत्वों की आमद कम हो गई, लेकिन पुलिस की सक्रियता कम होते ही हालात जस के तस हो गए हैं। पर्यटक और स्थानीय नागरिक भी गंगा किनारे की इस बदहाली से नाराज है। इसके बावजूद आस्थापथ की निगरानी का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका है।
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फिलहाल निगम की ओर से आस्था पथ की देखभाल के लिए चौकीदार रखने की कोई व्यवस्था नहीं है। अगली बोर्ड बैठक में निगम की ओर से यहां सीसीटीवी कैमरे तथा चौकीदार रखने का प्रस्ताव लाया जाएगा। अभी चुनाव के बाद यहां की दीवारों पर जागरुकता के संदेश लिखवाए जाने की तैयारी है।
-उत्तम सिंह नेगी, सहायक नगर आयुक्त