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हरिपुर कलां, मोतीचूर के 11 हजार मतदाता होंगे निर्णायक

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ऋषिकेश की राजनीति में अभी तक हुए चार विधानसभा चुनाव में हरिपुरकलां और मोतीचूर के 11 हजार वोटर निर्णायक भूमिका में रहे हैं। इस बार के विधानसभा चुनाव में हरिपुर कलां और मोतीचूर के मतदाता निर्णायक भूमिका में होंगे। हरिपुर कलां और मोतीचूर में मिश्रित जनसंख्या रहती है। हरिपुरकलां के आठ पोलिंग बूथों पर 8011 मतदाता और मोतीचूर के चार बूथों पर 3250 मतदाता हैं। यहां की जनसंख्या में करीब 60 प्रतिशत लोग पौड़ी जिले के यमकेश्वर और द्वारीखाल ब्लॉक से पलायन होकर यहां बसे हैं। अधिकांश लोग यहां करीब 50 साल से अधिक समय से रह रहे हैं। कुछ लोग हरियाणा, यूपी और अन्य राज्यों से आकर यहां बसे हैं। यहां के आश्रम में रहने वाले संतों, आश्रम के सेवादारों और आश्रम में शिक्षा ले रहे राजकुमार भी मतदाता हैं। राजनीति के जानकारों की मानें तो 2002, 2007, 2012, 2017 के विधानसभा चुनाव में जो भी प्रत्याशी जीता, उसमें हरिपुर कलां, मोतीचूर के वोटरों का प्रतिशत अधिक था। इस बार के विधानसभा चुनाव के रण में उतरे प्रत्याशियों ने हरिपुर कलां और मोतीचूर में घर-घर जाकर चुनाव प्रचार किया। भले ही हरिद्वार जिले से सटे होने के कारण यहां के लोग हरिद्वार पर ही निर्भर रहते हैं, लेकिन इस बार के विधानसभा के चुनाव में हरिपुरकलां को हाईवे की कनेक्टीविटी से न जोड़ने की टीस मतदाताओं के मन में है। राजाजी टाइगर बनने के बाद से गुलदार की सक्रियता के कारण भी हरिपुर कलां, मोतीचूर के मतदाता परेशान रहते हैं। जिस भी प्रत्याशी के पक्ष में हरिपुर कलां और मोतीचूर के लोग मतदान करेंगे, वह ही ऋषिकेश विधानसभा का ताज पहनेगा।
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