धारचूला (पिथौरागढ़)। अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले और साहित्योसव के दूसरे दिन शनिवार को भारत-नेपाल के साहित्यकारों ने गीत, कविता और रचनाओं को लोगों के सामने प्रस्तुत किया।
रं कल्याण संस्था, शिक्षा विभाग और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की ओर से जवाहर सिंह नबियाल स्टेडियम आयोजित कार्यक्रमों का शुभारंभ पूर्व आईएस सुरेंद्र सिंह पांगती, मुख्य संरक्षक नृप सिंह नपलच्याल और अध्यक्ष करन सिंह गर्ब्याल ने किया। नृप सिंह नपलच्याल ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अपनी रं संस्कृति का संरक्षण करना और युवाओं को प्रेरित करना है। साथ ही बच्चों को पुस्तक मेले के जरिये देश विदेश के लेखकों की किताबों से रूबरू करना है।
शांति नबियाल के संचालन में हुए पहले सत्र में मंसा कुटियाल, अंजू कुटियाल, नारायण कुटियाल, भजन ऐतवाल, सुरेंद्र रोंकली, सुरेंद्र रौतेला, धन सिंह कुटियाल, सीनू तीतियाल आदि गीतकारों ने अपने नए-पुराने गीतों को सुनाकर दर्शकों की वाहवाही लूटी। दूसरे सत्र में रं साहित्यकार किशोर कुटियाल, गोविंद गुंज्याल, रमेश पतियाल, रवि पतियाल, मोहन दताल, कृष्ण गर्ब्याल आदि ने अपने गीत, कविता और लेखों की प्रस्तुति दी।
नेपाल से आए चमक तिकरी के संचालन में हुए तीसरे सत्र में साहित्यकार पद्म बड़ाल और आशु धामी ने साहित्य लेखों की प्रस्तुति दी। संचालन गिरधर सिंह रौतेला और कृष्णा गर्ब्याल ने किया। संस्था के केंद्रीय अध्यक्ष करन सिंह गर्ब्याल ने आभार जताया। इस दौरान पद्मश्री चंद्रप्रभा ऐतवाल, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक वंदना गर्ब्याल, आईजी संजय गुंज्याल, द्रोपदी गर्ब्याल, जगमोहन गर्ब्याल, चंद्र सिंह नपलच्याल, धीरेंद्र दताल, करुणा खुन्नू आदि मौजूद थे।