लकड़ी का पुल बनाते मुनस्यारी के पातों के ग्रामीण
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पातों और बुई गांवों के ग्रामीणों के बीच हुए विवाद के कारण बंद हुए रास्ते का मामला कई बार प्रशासन के सामने उठाने के बाद भी कोई सुध नहीं ली गई। इससे खिन्न पातों के ग्रामीणों ने श्रमदान से स्वयं पुलिया तैयार कर ली।
दो माह पहले बुई और पातों के ग्रामीणों में किसी बात को लेकर विवाद हो गया था, इसके बाद बुई के ग्रामीणों ने पातों के लोगों के लिए अपनी जमीन से रास्ता बंद कर दिया था, जबकि परंपरागत रास्ता और पुल टूटने के कारण एक-डेढ़ दशक से ग्रामीण इसी मार्ग से चल रहे थे। इसके बाद पातों के ग्रामीणों को नदी और चट्टानों पर लकड़ी की सीढ़ी बनाकर आवागमन करना पड़ा था। कई बार मांग करने के बाद भी पुराने रास्ते और पुलिया को दुरुस्त नहीं किया गया है।
इससे खिन्न ग्रामीणों ने गांधी जयंती पर सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मण जेष्ठा के नेतृत्व में श्रमदान से पुलिया का निर्माण किया। गांव के युवा हरीश दरियाल ने कहा कि बार-बार कहने के बावजूद प्रशासन ने उनकी अनदेखी की है। सभी ग्रामीणों ने एकजुट होकर पुलिया का निर्माण कर लिया है। लोनिवि के अवर अभियंता महेश राम का कहना है कि पातों के लिए पुलिया निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है, स्वीकृति आने पर कार्य शुरू किया जाएगा।