राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज गणाईगंगोली में लंबे समय से शिक्षकों की कमी बनी हुई है। शिक्षकों की नियुक्ति के बजाय शासन ने आईटी ट्रेड के द्वितीय और अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए दूसरे कॉलेज में जाने का विकल्प दिया है। इस फरमान से विद्यार्थियों में आक्रोश है।
बृहस्पतिवार को अभिभावकों और विद्यार्थियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ कॉलेज परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने क्षेत्र के कॉलेज को छोड़कर दूसरे कॉलेज में जाने से साफ इनकार कर दिया है।
प्रभारी सचिव (तकनीकी सचिव) अशोक कुमार ने राजकीय पॉलीटेक्निक गणाईगंगोली में शिक्षकों की कमी के चलते यहां के विद्यार्थियों को राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज नैनीताल, द्वाराहाट, लोहाघाट और अल्मोड़ा का जाने का विकल्प दिया है। अभिभावकों का कहना है कि सरकार गणाईगंगोली में खुले पॉलीटेक्निक कॉलेज में सुविधा बढ़ाने के स्थान पर उसे बंद कर देना चाहती है।
विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अन्यत्र भेजने का फरमान इलाके के साथ भी अन्याय है। सरकार इस फैसले को वापस नहीं लेगी तो आंदोलन किया जाएगा। फरमान जारी होने के बाद बृहस्पतिवार को जिला पंचायत सदस्य चंदन वाणी, सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद बोरा, नवीन जोशी, धर्मानंद जोशी, हरीश मेहता, गिरीश चंद्र और छात्रों ने प्रदर्शन किया।
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इस मामले पर मुख्यमंत्री से बात की जाएगी। मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा। इस तरह का निर्णय ठीक नहीं है। मीना गंगोला, विधायक गंगोलीहाट
निदेशालय से पढ़ाई के लिए अन्यत्र कॉलेजों में भेजे जाने के शासनादेश की प्रति मिली है। विद्यार्थी केवल पढ़ाई के लिए अन्यत्र कॉलेजों में जाएंगे। वह विद्यार्थी गणाईगंगोली पॉलीटेक्निक कॉलेज के ही रहेंगे।
-विनय शर्मा, प्राचार्य, राजकीय पालीटेक्निक कॉलेज गणाईगंगोली