सीमांत धारचूला तहसील के खेला गांव में नशाबंदी को लेकर ग्रामीणों की 11वीं बैठक हुई। जिसमें नशाबंदी और गांव की अन्य समस्याओं को लेकर चर्चा की गई। इस मौके पर नशे के कारोबार पर अंकुश नहीं लगाने पर पुलिस प्रशासन का पुतला फूंका गया।
ग्राम प्रधान निर्मला देवी की अध्यक्षता और महेश वर्मा के संचालन में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि नशा आज युवा पीढ़ी को बरबाद कर रहा है। मेहनत करने वाला मजदूर अपनी गाढ़ी कमाई शराब में लुटा रहे हैं। कहा कि अभी तक प्रशासन ने इस मामले में कोई सख्त कार्रवाई नहीं की है। इस पर नाराजगी जताते हुए आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी। बैठक में तवाघाट में स्थायी पुलिस चौकी स्थापित करने, निर्माणाधीन मोटर मार्ग खेला-गर्गुवा का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने की मांग उठाई।
राजकीय इंटर कालेज खेला में हाईस्कूल, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, गृह विज्ञान के शिक्षकों की तैनाती करने की मांग उठाई। तवाघाट और दानीगांव में शराब माफियाओं पर नकेल कसने को लेकर पुलिस को ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया। तवाघाट में अवैध रूप से बने टिनशेडों में शराब बेचने पर आपत्ति जताते हुए टिन शेडों को हटाने की मांग उठाई।
तय किया गया कि गांव के तोकों में महिलाओं द्वारा तीन बजे से शाम छह बजे तक शराबबंदी को लेकर अभियान चलाया जाएगा। बैठक के बाद पुलिस प्रशासन पर शराबबंदी को लेकर उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए पुतला दहन किया गया। इस अवसर पर मानकी देवी, पुष्पा देवी, तारा, देवकी, अनीता, मथुरा देवी, गोविंदी, आनु देवी, ललिता, देवकी, पार्वती, लक्ष्मी, रेनू, उमा, दीपिका, विरमा, गोविंदी, बिंदू, मंजू, हरुली, रेनू, गोदावरी, शकुंतला, लीला आदि महिलाएं शामिल थीं।