राईआगर के निकट राईगड़सारी गांव की महिलाओं ने खनन के खिलाफ धरना दिया। एलान किया है कि वह इस स्थान पर किसी भी दशा खनन नहीं होने दिया जाएगा। महिलाओं ने गांव में खड़िया खनन के लिए पहुंचाई गई पोकलैंड मशीन को तत्काल वापस करने की मांग की है।
12 दिसंबर को राईगड़सारी गांव में हरियाणा के खनन व्यवसायी मनीष यादव ने ग्रामीणों को धमकाने के इरादे से अपने गुर्गे पहुंचा दिए थे। प्रशासन और पुलिस के हस्तक्षेप और ग्रामीणों के विरोध के चलते सभी 68 लोग गिरफ्तार कर लिए गए। तब से ग्रामीणों ने तय किया है कि अब किसी भी दशा में खनन नहीं होने दिया जाएगा।
ग्राम प्रधान पूरन राम ने कहा कि गांव की शांति व्यवस्था में किसी प्रकार का खलल सहन नहीं किया जाएगा। साथ ही गांव में खनन नहीं होने दिया जाएगा। यदि खनन होता है तो गांव में पानी के स्रोत सूख जाएंगे और पर्यावरण को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि खनन के लिए लाई गई पोकलैंड मशीन तत्काल वापस की जाए। धरने पर पूर्व प्रधान विक्रम ततराड़ी, चंद्रशेखर ततराड़ी, मुन्नी देवी, भागीरथी देवी, दुर्गा देवी, शोभा देवी समेत तमाम लोग बैठे। बताया गया है कि राईगड़सारी गांव में अब खननकर्ताओं की आवाजाही बंद हो गई है लेकिन लोग इस आशंका में हैं कि कहीं फिर से खननकर्ता न धमक जाएं।