पिथौरागढ़। ग्रामोत्थान नए वार्षिक सत्र में 290 व्यक्तिगत उद्यमों को विकसित करने की योजना बना रहा है। इस सत्र 290 महिलाओं और युवाओं को लघु उद्योग स्थापित करने के लिए सहयोग दिया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ पलायन भी रुकेगा।
परियोजना के तहत कृषि और पशुपालन से 146, गैर कृषि व्यवसाय से 144 उद्यमियों को लाभान्वित किया जाएगा। इस पहल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। महिलाएं और युवा आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त बनेंगे। रीप परियोजना के तहत लाभार्थियों को उद्यम स्थापित करने के लिए 30 हजार से 75 हजार रुपये तक ऋण दिया जाएगा।
कृषि और पशुपालन गतिविधियों में शामिल लाभार्थी की संख्या
गतिविधियां लाभार्थी
गोट यूनिट 36
मदर यूनिट 08
बैकयार्ड पोल्ट्री 12
मधुमक्खी पालन 10
अन्य फार्म उद्यम 32
फ्लोरीकल्चर, मशरूम, डेयरी यूनिट 48
गैर कृषि आधारित गतिविधियां में शामिल लाभार्थी की संख्या-
गतिविधियां लाभार्थी
रिटेल शॉप 18
रिपेयर शॉप 04
कारपेंट्री यूनिट 02
ब्यूटी पार्लर सैलून 16
माइक्रो फ्लोर मिल 04
माइक्रो फूड प्रोसेसिंग यूनिट 04
अन्य गतिविधियां 48
अन्य उद्यम 48
कोट
परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आय को दोगुना करना है। इससे महिलाओं और युवाओं में आत्मनिर्भरता का विकास होता है। ग्रामोत्थान उद्यम प्रारंभ करने में तकनीकी सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करता है। - प्रतीम भट्ट, जिला परियोजना प्रबंधक, ग्रामोत्थान पिथौरागढ़।