सड़कों की स्वीकृति के बाद भी निर्माण न होने से खिन्न बेड़ीनाग विकासखंड के चौमाचौड़ा, चौखूना क्षेत्र के लोग 2017 के विधानसभा चुनावों का बहिष्कार करेंगे। लोगों ने सरकार और सरकारी मशीनरी पर मानवाधिकार का हनन करने का आरोप लगाया है। क्षेत्र के लोगों ने इसी मुद्दे पर 2014 के लोकसभा चुनावों का बहिष्कार किया था। 1100 से अधिक मतदाता वाले चामाचौड़ा बूथ में लोगों ने एक भी वोट नहीं डाला था, बूथ में दो मत पड़े थे, वह भी मतदान कर्मियों ने डाले थे।
चामाचौड़ा, सेला, पहर, सेरा, थारा, ज्यूला, मनगड़, चौखूना, सिमायल, गनौरा, छड़ौली, मौना क्षेत्र की 15000 आबादी को जोडने के लिए एक नहीं दो सड़कें मंजूर हैं। एक सड़क राईआगर से चामाचौड़ा तक 7 किमी पीएमजीएसवाई से मंजूर हैं। दूसरी सड़क चौड़मन्या से पाताल भुवनेश्वर तक 17 किमी राज्य सेक्टर से स्वीकृत है। दोनों सड़कों की कई बार सर्वे हो चुकी है लेकिन दोनों सड़कों का निर्माण नहीं किया जा रहा है। सड़क न होने से इलाके के लोगों को कठिन चढ़ाई चढ़ कई किमी की दूरी नाप कर सड़क मार्ग तक आना पड़ता है। दोनों सड़कों के निर्माण के लिए लोग लंबे समय से आवाज मुखर कर रहे हैं। सरकार तक आवाज पहुंचाने के लिए इलाके के लोगों ने बाकायदा संघर्ष समिति का गठन कर रखा है।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह रावल की अध्यक्षता में चामाचौड़ा में हुई बैठक में लोगों ने सरकार और विधायक नारायण राम आर्य के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए कहा कि लोग परेशान हैं, सरकार और विधायक सड़कों के निर्माण में रुचि नहीं ले रहे हैं। कहा कि सड़क का निर्माण प्रारंभ नहीं हुआ तो चामाचौड़ा के साथ ही चौखूना बूथ के लोग भी विधानसभा चुनावों में मतदान नहीं करेंगे। इसकी सूचना लिखित रूप में सरकार, प्रशासन और लोनिवि को दी जा रही है। बैठक में माधो सिंह रावल, गंगान सिंह, दिवाकर रावल, महेंद्र सिंह, बहादुर सिंह, जसवंत सिंह, राजेंद्र प्रसाद, राधे लाल, बालम सिंह, राजन राम, विनीत उप्रेती आदि मौजूद थे।