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जंगली जानवरों के आतंक से परेशान लोगों का प्रदर्शन

Mon, 05 Sep 2016 10:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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जंगली जानवरों के आतंक से परेशान लोगों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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 बंदरों और सुअरों के आतंक से परेशान बड़ालू गांव के लोग सोमवार को डीएफओ कार्यालय आ धमके। लोगों ने प्रदर्शन किया और हिमाचल की तरह बंदरों को पीड़क जंतु घोषित कर उन्हें मारने का आदेश देने की मांग की। बंदरों की संख्या इतनी ज्यादा हो गई है कि उनको पकड़ पाना संभव नहीं है।
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इसके अलावा लोगों की फसलों और बगीचों को बंदर और अन्य जानवर नुकसान पहुंचा रहे हैं। अब बंदर बच्चों और महिलाओं पर हमला करने लगे हैं। घर के अंदर रखे सामान को भी बंदर उठा ले जा रहे हैं। कई बार वन विभाग को इस आतंक की जानकारी दी गई लेकिन किसी भी स्तर पर समाधान नहीं हुआ।

अब लोग आंदोलन के रास्ता अपनाने को विवश हैं। लोगों के आक्रोश को देखते हुए डीएफओ डॉ. आईपी सिंह ने आदेश दिए कि विभाग की टीम को ज्यादा प्रभावित गांवों में भेजा जाएगा और हर गांव से दो दो लोगों को बंदर पकड़ने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। लोगों ने मांग की कि इस पर तत्काल अमल किया जाए। प्रदर्शन में समाजसेवी महेश जोशी, दिवाकर जोशी, विधायक प्रतिनिधि संजीव जोशी, पवन चंद, लक्ष्मण चंद, गिरीश जोशी समेत भारी संख्या में लोग थे।
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नरभक्षी तेंदुए को मारने के आदेश
 नेपाल के बैतड़ी जिले के तल्ला सोराड़ क्षेत्र में आतंक मचाने वाले नरभक्षी तेंदुए को मारने के आदेश हो चुके हैं। बैतड़ी जिला प्रशासन ने सोमवार आकस्मिक बैठक कर नरभक्षी तेंदुए को मार गिराने के लिए 14 सदस्यीय हथियार सहित टीम को भेजने का निर्णय लिया है।

बैतड़ी के पुलिस अधीक्षक बाल नर सिंह राणा ने बताया कि इस हेतु सुदूर पश्चिमी क्षेत्रीय कार्यालय दीपायल को पूरी स्थिति से अवगत करा दिया है। वहां से आज ही नेपाल प्रहरी, सशस्त्र प्रहरी और वनरक्षक टीम ने तल्लासोराड़ क्षेत्र में पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर देगी। तल्लासोराड़ क्षेत्र के कुलाउ, बिशालपुर, आमचौरा, महाकाली, पंचेश्वर, शर्माली, उदयदेव गांवों में नरभक्षी तेंदुए का आतंक बढ़ते जा रहा है। अभी तक यह तेंदुआ 22 लोगों को मौत के घाट उतार चुका है। बीते 15 दिनों में घर के आंगन से 2 बच्चों को उठाकर खा चुका है।


15 दिन बाद भी आदमखोर तेंदुआ नहीं पकड़ा गया
चौना गांव में एक बच्चे की जान लेने वाला आदमखोर तेंदुआ 15 दिन बाद भी वन विभाग की पकड़ में नहीं आया है। तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाया गया पिंजरा भी कारगर साबित नहीं हो रहा है।
21 अगस्त की रात को चौना गांव में तेंदुआ श्याम सिंह के तीन वर्षीय पुत्र राज को मार डाला था। घटना के दूसरे दिन वन विभाग ने गांव में पिंजरा लगा दिया था।

गांव के लोगों का कहना है कि तेंदुआ रात में पिंजरे के पास आ रहा है। जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह बोरा ने डीएम को भेजे ज्ञापन में तेंदुए के न पकड़े जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा है कि रोज रात को गांव में तेंदुआ दिख रहा है। रविवार रात साढ़े आठ बजे चौना के कुंदन सिंह बोरा के आंगन में तेंदुआ आया था। घर के गेट में चैनल लगा होने के कारण तेंदुआ अंदर नहीं घुस सका। तेंदुए के कारण क्षेत्र में भारी दहशत है। तेंदुए को जल्द से जल्द पकड़ा जाना चाहिए। नहीं पकड़ा जाता है तो मारने के आदेश जारी करने में देर नहीं करनी चाहिए। डीएफओ आईपी सिंह का कहना है कि पिंजरा तेंदुए की ज्यादा आवाजाही वाले क्षेत्र में लगाया जा रहा है। जल्द तेंदुआ पकड़ में होगा।
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