पिथौरागढ़ के सिल्थाम में सुबह के समय चुनावों पर चर्चा करते लोग।
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सीमांत जिला विकास में काफी पिछड़ गया है। यहां सड़कें नहीं हैं, पानी की दिक्कत है, नेटवर्क नहीं मिलते। दलों को तो चुनाव में ही लोग याद आते हैं। चुनाव में जो वादे करते हैं, उन्हें निभाएं भी तो। यह गरमा गरम तीखी बहस कहीं और नहीं सिल्थाम तिराहे के पास चाय की चुस्कियों के साथ लोगों के बीच है।
लोक सभा चुनाव की तिथि जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, लोगों के बीच राजनीति और मुद्दों की चर्चाएं तेज होने लगी हैं। सिल्थाम के पंत टी स्टाल पर अमूमन रोज ही लोग चर्चाओं में मशगूल मिलेंगे, लेकिन इन दिनों लोगों की जुबान पर केवल चुनावों की चर्चा है। त्रिलोक सिंह, भुवन चंद्र, माही सौन, रानू घोटा, जितेंद्र महर, मोहन नगरकोटी, दिनेश सौन और अमन अली सियासी चर्चा में मशगूल रहे।
चर्चा में सड़क, पेयजल, संचार, बिजली से लेकर हवाई सेवा जैसे विषय शामिल रहे। लोगों का कहना था कि सीमांत विकास में काफी पिछड़ गया है। यहां की सड़कों की स्थिति ठीक नहीं है। टनकपुर या हल्द्वानी पहुंचने में छह से सात घंटे का समय लगता है। जिस हवाई सेवा से उम्मीदें थीं उसका सफल संचालन नहीं हो सका। कहा कि पिथौरागढ़ से पंतनगर और देहरादून के लिए नियमित हवाई सेवा संचालित करने के जल्द से जल्द प्रयास होने चाहिए। लोगों ने सीमांत के गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सेवाओं की बदहाली पर भी निराशा जताई। कहा कि जो भी राजनीतिक दल चुनावों से पहले जनता से वायदा करता है सत्ता में आने पर उसे पूरा किया जाना चाहिए।