पांगला की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण
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पेयजल और शिक्षा की सुविधा नहीं होना से खफा धारचूला तहसील के पांगला गांव के लोगों ने 130 किमी का सफर तय कर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। वहीं, पांगला गांव की प्रधान देवकी देवी ने ग्रामश्री पुरस्कार लौटाने का जो फैसला लिया है, उसमें पेयजल और शिक्षा की समस्या मुख्य है।
प्रधान देवकी देवी ने बताया कि गांव में पेयजल लाइन नहीं है। गंदे नाले का पानी पीने से 1989 और 1991 में कई लोगों की मौत हो गई थी। उसके बाद भी गांव के लिए पानी की लाइन नहीं बनाई गई। अब भी लोग गंदे नाले का ही पानी पीने को मजबूर हैं। राजकीय हाईस्कूल पांगला में स्थापना के समय से ही गणित, विज्ञान, हिंदी के शिक्षक और क्लर्क का पद रिक्त हैं। प्राथमिक स्कूल पांगला में 40 और प्राथमिक स्कूल छोटी पांगला में 16 बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन दोनों स्कूलों में एक-एक शिक्षक तैनात है। आपदा के समय टूटे रास्तों की मरम्मत नहीं हो पाई है।
इस बारे में कई बार प्रस्ताव भेजे गए, लेकिन रास्तों की मरम्मत के लिए धनराशि मंजूर नहीं हो पाई। मनरेगा के कामों से वंचित करने का आरोप भी प्रधान ने लगाया है। प्रदर्शन में प्रधान धाना देवी, सरिता देवी, बिरखू सिंह, जनक बिष्ट, कवींद्र सिंह आदि लोग थे।