यूकेडी की चेतावनी यात्रा के दौरान जगह-जगह हुई नुक्कड़ सभाओं में वक्ताओं ने मुख्यमंत्री से जानना चाहा कि पहाड़ में मडुवा, झंगोरा की खेती करने के लिए लोगों को कहां से लाएंगे।
पलायन के कारण पहाड़ खाली हो गए हैं और सीएम लोगों को परंपरागत खेती की तरफ लौटने के लिए कह रहे हैं। सोमवार को चेतावनी यात्रा कनालीछीना और मुनस्यारी से एक साथ निकली।
कनालीछीना के पलेटा, छड़नदेव, मातोली, पीपली, तीतरी, अस्कोट में आयोजित सभाओं में यूकेडी के वरिष्ठ नेता काशी सिंह ऐरी ने कहा कि राज्य में अनियोजित विकास, बेरोजगारी, पलायन के लिए भाजपा और कांग्रेस बराबर दोषी हैं।
प्रदेश के विकास के लिए यूकेडी ने जो ब्ल्यू प्रिंट तैयार किया था उसे दोनों दलों ने छुआ तक नहीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में माफियाराज, भ्रष्टाचार चरम पर है। आम जनता को सरकारी योजनाओं का कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
वरिष्ठ नेता पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि परंपरागत खेती को बढ़ावा देने की बात तभी सार्थक होगी जब गांवों में खेती करने वाले लोग होंगे।
जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर पुनेड़ा ने कहा कि सरकार को जनता की नहीं ठेकेदारों की चिंता है। इस मौके पर सुशील पांडे, दलीप सिंह धामी, धन सिंह पहाड़ी, ललित पंत, धीरेंद्र धामी, राम सिंह ऐरी, हयात सिंह कन्याल ने विचार रखे।
मुनस्यारी में वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर कापड़ी के नेतृत्व में मुख्य बाजार में नुक्कड़ सभा हुई। इस मौके पर डीडीहाट जिलाध्यक्ष जोध सिंह बोरा, गुलाब सिंह क्वीरियाल, रमेश ढकरियाल, पूरन बिष्ट, बाला सिंह कोश्यारी, लोकबहादुर जंगपांगी, लक्ष्मण सिंह पांगती, गणेश सिंह, गणेश राम, अंबिका देवी, लीला देवी आदि थे।