अस्कोट (पिथौरागढ़)। अस्कोट में पिछले डेढ़ सौ वर्ष से अधिक समय से आयोजित की जा रही ऐतिहासिक रामलीला का शुभारंभ हुआ। प्रथम दिन नटी-सूत्रधार संवाद, रावण के अत्याचारों से दुखित देवगणों का पहले ब्रह्मलोक और फिर विष्णुलोक गमन, भगवान विष्णु का आकाशवाणी के माध्यम से देवगणों को आश्वस्त करना और श्रीरामजन्म तक की लीला का मंचन किया गया।
रामलीला में पहले दिन नटी-सूत्रधार मंच पर आकर कहते हैं जब नीच निशाचर पाप करें, तब नर हरि रूप प्रभु आप धरें। रावण दुष्ट महातप कीन्हो ब्रह्मा से बर पाय फिरे। इसके बाद देव गण और ऋषि मुनि, इंद्र देव के पास पहुंच कर रावण के अत्याचारों से अवगत कराते हुए समाधान की मांग करते हैं। इसके बाद कलाकारों ने राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के जन्म तक का मंचन किया।
इस मौके पर मुख्य अतिथि मल्लिकार्जुन महादेव मंदिर के पुजारी नारायण दत्त पंत, बिक्रम सिंह पाल, कमेटी अध्यक्ष होशियार सिंह पाल, तरुण पाल, वर्षा पाल, मनोज लुंठी, हरीश पाल, गोविंद सिंह भंडारी, आनंद कुंवर, तेज सिंह बिष्ट आदि मौजूद रहे।