जमतड़ी के लोगों की सड़क बनाने की मांग आजादी के 70 साल बाद पूरी तो होने जा रही है, लेकिन पीएमजीएसवाई डिवीजन ने सड़क को डीडीहाट मार्ग से जोड़कर गांव के लोगों के लिए असुविधा बढ़ा दी है। सड़क बनने पर जमतड़ी के लोगों को अस्कोट पहुंचने के लिए गाड़ी से 42 किमी का सफर तय करना पड़ेगा, जबकि पैदल सात किमी चलकर लोग अस्कोट पहुंच जाते हैं। अगर यह मार्ग पिथौरागढ़-तवाघाट सड़क से जोड़ा दिया जाता तो इससे जमतड़ी सेे अस्कोट की दूरी गाड़ी से जाने पर केवल 17 किमी ही रह जाती।
जमतड़ी के लोग 70 के दशक से अस्कोट जाने के लिए बाया गर्जिया होते हुए गांव की सड़क को पिथौरागढ़-तवाघाट राजमार्ग पर मिलाने की मांग कर रहे थे, लेकिन वर्ष 2016 में देवविशूना से जमतड़ी तक 10.5 किमी सड़क निर्माण के लिए 7 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त कर दी गई। पीएमजीएसवाई डिवीजन सड़क का निर्माण कर रहा है। वर्तमान तक 9 किमी सड़क का निर्माण हो चुका है। विभाग का कहना है कि चार महीने में सड़क जमतड़ी पहुंच जाएगी। वहीं, मौगड़ा, बसौरा के लोगों को इस सड़क के बनने से लाभ होगा, लेकिन जमतड़ी के लोगों के लिए यह सड़क सुविधाजनक नहीं होगी।
जमतड़ी वालों का कहना है कि जमतड़ी के साथ ही बाजार ग्राम पंचायत के लोगों के लिए भी यह सड़क सुविधाजनक नहीं होगी। उन्हें 42 किमी का सफर तय करना पड़ेगा, इसमें उनका समय और धन दोनों अधिक लगेगा। जमतड़ी के प्रधान गोविंद भंडारी, बाजार की प्रधान रेखा पाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य उमेद सिंह अधिकारी कहते हैं कि जमतड़ी के लोगों को बैंक, पंचायती कार्यों के लिए अस्कोट आना पड़ता है। अगर जमतड़ी को पिथौरागढ़-तवाघाट सड़क से जोड़ दिया जाए तो जमतड़ी सेे अस्कोट की दूरी केवल 17 किमी रह जाएगी। उधर, पीएमजीएसवाई डिवीजन के जेई अनिल रावत का कहना है कि केंद्र से मिले आदेशों के अनुसार ही सड़क का निर्माण किया जा रहा है, अगर भविष्य में पिथौरागढ़-तवाघाट से सड़क बनाने का प्रस्ताव मिला तो उस पर भी काम किया जाएगा।
वनराजि परिवार भी सड़क से वंचित
जमतड़ी के लिए सड़क बनने के बाद भी वनराजि गांव कंतोली के लोग सड़क से वंचित ही रह जाएंगे। जमतड़ी से कंतोली की दूरी दो किमी है। कंतोली में वनराजियों के 30 परिवार रहते हैं। वनराजि परिवार लंबे समय से सड़क से जोड़ने की मांग कर रहे हैं।